पंजाब कांग्रेस में जाति प्रतिनिधित्व पर घमासान, पूर्व सीएम चन्नी के वीडियो से मचा सियासी बवाल

पंजाब कांग्रेस में जातिगत प्रतिनिधित्व को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी के एक कथित वीडियो के सामने आने के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई, हालांकि चन्नी ने आरोपों को गलत बताते हुए सफाई दी है.

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कांग्रेस बैठक के दौरान चरणजीत चन्नी का बयान बना विवाद की वजह (File Photo: ITG) कांग्रेस बैठक के दौरान चरणजीत चन्नी का बयान बना विवाद की वजह (File Photo: ITG)

असीम बस्सी

  • चंडीगढ़,
  • 19 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:45 PM IST

पंजाब की राजनीति में एक बार फिर जातिगत प्रतिनिधित्व को लेकर चर्चा गरमाई है. कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें वह पार्टी की एक बैठक के दौरान पंजाब कांग्रेस में दलित प्रतिनिधित्व को लेकर सवाल उठा रहे हैं. 

वीडियो में चन्नी कहते दिख रहे हैं कि पार्टी के शीर्ष पदों पर अधिकतर ऊंची जातियों के नेता हैं, जबकि पंजाब में बड़ी संख्या में दलित आबादी है, फिर भी उन्हें उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा.

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इस बयान के बाद कांग्रेस पार्टी में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं. कई लोगों ने इस मुद्दे पर सवाल उठाए तो कुछ ने इसे पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला बताया. विवाद बढ़ने पर चन्नी ने अपने बयान की सफाई देते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी के खिलाफ बात करना नहीं था. 

उन्होंने कहा कि उनके शब्दों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है और उन्हें जातीय राजनीति से जोड़ने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ने हमेशा उन्हें सम्मान और जिम्मेदारी दी है, जिनका उन्होंने ईमानदारी से निर्वहन किया है.

यह भी पढ़ें: पहले चन्नी और अब अजय राय... राहुल गांधी और खड़गे की नसीहत के बाद भी पहलगाम पर बड़बोलेपन से बाज नहीं आ रहे कांग्रेस नेता

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वार्डिंग ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस एक धर्मनिरपेक्ष पार्टी है और पार्टी में जातिगत विवाद की कोई गुठली नहीं है. उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस ही चन्नी को मुख्यमंत्री पद पर लाया था, जो पार्टी के प्रति विश्वास का परिचायक है.

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यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब पंजाब कांग्रेस संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है. जातिगत प्रतिनिधित्व और पार्टी की आंतरिक एकजुटता अब पंजाब कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है. ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी इस मसले को कैसे सुलझाती है और आगे की रणनीति क्या बनाती है.

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