चंडीगढ़ मेयर चुनाव: कांग्रेस और AAP के बाद बीजेपी ने भी उतारा कैंडिडेट, त्रिकोणीय हुआ मुकाबला

चंडीगढ़ नगर निगम के मेयर चुनावों के लिए सियासी पारा चढ़ गया है. आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन की अटकलों पर विराम लग गया है, क्योंकि दोनों पार्टियों ने अलग-अलग चुनाव लड़ने का फैसला किया है.

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मेयर चुनाव के लिए कांग्रेस और AAP का गठबंधन टूट गया है. (Photo- PTI) मेयर चुनाव के लिए कांग्रेस और AAP का गठबंधन टूट गया है. (Photo- PTI)

अमन भारद्वाज

  • चंडीगढ़,
  • 23 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:27 AM IST

चंडीगढ़ नगर निगम के 29 जनवरी को होने वाले मेयर चुनाव के लिए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बाद अब बीजेपी ने भी अपने कैंडिडेट के नाम का ऐलान कर दिया है. बीजेपी ने सौरभ जोशी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है. इससे पहले कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने एक-दूसरे से किनारा कर लिया है. कांग्रेस ने आप के साथ किसी भी पूर्व-चुनावी गठबंधन से इनकार करते हुए अपने दम पर चुनाव लड़ने की पुष्टि की है. 

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कांग्रेस आज दोपहर 1 बजे मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पदों के लिए नामांकन दाखिल करेगी. पार्टी ने गुरप्रीत गाबी को मेयर, सचिन गालव को सीनियर डिप्टी मेयर और निर्मला देवी को डिप्टी मेयर पद का उम्मीदवार बनाया है. AAP ने मेयर पद के लिए पार्षद योगेश ढींगरा (वार्ड 25 से), सीनियर डिप्टी मेयर के लिए मुनव्वर खान (वार्ड 29) और डिप्टी मेयर के लिए जसविंदर कौर (वार्ड 1) को मैदान में उतारा है.

मौजूदा 35 सीटों वाले सदन में बीजेपी के पास 18, आप के पास 11 और कांग्रेस के पास 6 सीटें हैं. बहुमत के लिए 18 वोटों की जरूरत है, ऐसे में सभी पार्टियों के अलग चुनाव लड़ने से मुकाबला त्रिकोणीय और रोमांचक हो गया है.

गठबंधन का अंत और पुरानी यादें

साल 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और AAP ने मिलकर मनीष तिवारी का समर्थन किया था. हालांकि, इस बार आप ने कांग्रेस पर देश को 'लूटने' का आरोप लगाते हुए गठबंधन से साफ इनकार कर दिया है. गठबंधन न होने से दोनों दलों का संयुक्त आंकड़ा (19 वोट) अब बिखर गया है.

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यह भी पढ़ें: चंडीगढ़ मेयर चुनाव में कांग्रेस-AAP की टूटी दोस्ती, बीजेपी की राह हुई आसान... हाथ उठाकर होगा फैसला

क्या हैं चुनावी समीकरण?

चंडीगढ़ नगर निगम में मौजूदा स्थिति बीजेपी के पक्ष में दिख रही है, जिसके पास पहले से ही 18 पार्षद हैं. कांग्रेस के स्वतंत्र रूप से मैदान में उतरने के बाद अब वोट बंट जाएंगे. मेयर पद की रेस अब किसी एक के पक्ष में झुकने के बजाय बेहद अनप्रिडिक्टेबल हो गई है, जिसका फैसला 29 जनवरी को होगा.

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