पंजाब: मोगा में ‘एंटी-ड्रग रैली’ से पहले CM भगवंत मान अस्पताल में भर्ती, BJP-AAP के लिए क्या है मायने?

AAP की 16 फरवरी को मोगा में होने वाली मेगा ‘एंटी-ड्रग रैली’ से एक दिन पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान अस्वस्थ होने के कारण मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती हुए. वहीं मोगा राजनीतिक नजरिए से अहम जिला माना जाता है, जहां से कई दल अपने अभियान की शुरुआत करते रहे हैं.

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रैली से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान अस्वस्थ (Photo: PTI) रैली से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान अस्वस्थ (Photo: PTI)

अमन भारद्वाज

  • मोहाली,
  • 15 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:14 PM IST

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को थकान और तबीयत बिगड़ने के कारण मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जो आम आदमी पार्टी (AAP) की मोगा में 16 फरवरी को प्रस्तावित बड़ी रैली से ठीक एक दिन पहले की घटना है. उनका रूटीन चेकअप और आवश्यक टेस्ट किया गया और उन्हें ऑब्जर्वेशन में रखा गया है.

मुख्यमंत्री शनिवार से संगरूर में अपनी भतीजी की शादी में शामिल थे, जहां वह थोड़ा अस्वस्थ महसूस करने लगे. इसके बाद फाजिल्का का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया और रविवार दोपहर अस्पताल ले जाया गया. 

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मोगा रैली: AAP का शक्ति प्रदर्शन

यह घटना ऐसे समय में घटी जब 16 फरवरी को मोगा के किल्ली चाहलां में AAP की ‘युद्ध नशेयान विरुद्ध’ मेगा रैली होनी है, जिसे 2027 पंजाब विधानसभा चुनावों की शुरुआत और शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है. 

पार्टी नेताओं के अनुसार, रैली में अरविंद केजरीवाल और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हो सकते हैं. मुख्यमंत्री की तबीयत बिगड़ने से उनकी रैली भागीदारी पर सवाल है अभी. मोगा को मालवा का सेंट्रल पॉइंट माना जाता है, जहां से माजहा, मालवा और दोआबा क्षेत्र आसानी से पहुंचे जाते हैं, इसलिए राजनीतिक दल इसे रैलियों के लिए चुनते हैं. जिले का किसान आंदोलनों और यूनियन गतिविधियों से गहरा नाता रहा है.

यह भी पढ़ें: 'मुख्यमंत्री सेहत योजना को लेकर अफवाहों पर न दें ध्यान', CM भगवंत मान की पंजाब वासियों से अपील

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मोगा का राजनीतिक महत्व

मोगा पंजाब राजनीति का केंद्र रहा है. शिरोमणि अकाली दल ने 1996 में अपनी 75वीं वर्षगांठ का ‘मोगा कन्वेंशन’ यहीं किया, जिसने पार्टी को नई दिशा दी, तथा 2007-2012 चुनावों से पहले अभियान शुरू किया.

2020 में ‘खेती बचाओ यात्रा’ एक ऐसा महत्वपूर्ण आंदोलन था जिसे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने नेतृत्व दिया. यह यात्रा किसानों की समस्याओं को उजागर करने और उनकी आवाज़ को राष्ट्रीय राजनीति में स्थान दिलाने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी. AAP ने खुद ही मोगा में किसानों को केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ एकजुट किया था.

अब मार्च में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का मोगा दौरा प्रस्तावित है, जहां बीजेपी एक लाख से अधिक भीड़ जुटाने की तैयारी में है. इस तरह, मोगा एक बार फिर पंजाब की सियासत का हॉटस्पॉट बन गया है.

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