संसद के अंदर गुरुवार को उस समय तीखी नोक-झोंक देखने को मिली जब समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बीच एंटरटेनमेंट टैक्स और टिकटिंग से जुड़े मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई. इस दौरान दोनों के बीच हुई तीखी बहस ने सदन का माहौल गर्म कर दिया और विपक्षी सदस्यों ने भी हंगामा शुरू कर दिया.
दरअसल, वित्त मंत्री राज्यसभा में अपने जवाब और भाषण के दौरान विभिन्न मुद्दों पर जानकारी दे रही थीं. इसी दौरान जया बच्चन ने वित्त मंत्री को बीच में टोकते हुए कहा कि उन्होंने उनके सवाल का सही जवाब नहीं दिया है. जया बच्चन ने कहा कि वित्त मंत्री ने कई बातों का अच्छा जवाब दिया, लेकिन उन्होंने एंटरटेनमेंट टैक्स और टिकटों पर लगने वाले टैक्स के मुद्दे पर स्पष्ट जवाब नहीं दिया.
जया बच्चन ने कहा कि उन्होंने डिजाइनिंग संस्थानों को लेकर कोई सवाल नहीं किया था, बल्कि उन्होंने फिल्म और मनोरंजन उद्योग से जुड़े एंटरटेनमेंट टैक्स और टिकटों पर लगने वाले टैक्स को लेकर सवाल उठाया था. उन्होंने वित्त मंत्री से आग्रह किया कि वे इसी मुद्दे पर स्पष्ट जानकारी दें.
इस पर वित्त मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि उनकी बात अभी पूरी भी नहीं हुई थी और बीच में नया सवाल उठा दिया गया. उन्होंने कहा कि वह आंकड़ों के साथ जवाब दे रही हैं और इस तरह की लगातार टिप्पणी को वह स्वीकार नहीं करेंगी. वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि एंटरटेनमेंट टैक्स और टिकटिंग से जुड़े मुद्दे राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, इसलिए इस विषय पर केंद्र सरकार से सवाल पूछना उचित नहीं है.
वित्त मंत्री के इस जवाब के बाद विपक्षी सदस्यों की ओर से हंगामा शुरू हो गया. इसी दौरान जया बच्चन अपनी सीट से खड़ी होकर फिर बोलने लगीं. इस पर सभापति ने हस्तक्षेप करते हुए जया बच्चन को शांत रहने और अपनी सीट पर बैठने का निर्देश दिया. सभापति ने कहा कि इस तरह लगातार खड़े होकर बोलना सदन की कार्यवाही में व्यवधान पैदा करता है.
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