सुप्रीम कोर्ट में नफरती भाषण के मुद्दे पर सुनवाई के दौरान वकील अमिताभ सिन्हा ने कहा कि नेताओं के नफरती बयान दरअसल राजनीतिक माहौल और विरोधियों के बयानों की प्रतिक्रिया होते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नफरती भाषण विचारों से उत्पन्न होते हैं और इन्हें पूरी तरह रोकना मुश्किल है, लेकिन कोर्ट गाइडलाइन बनाने को तैयार है.