फरवरी का मौसम उत्तर भारत में लगातार सरप्राइज दे रहा है. ठंड अभी जा नहीं रही थी कि अब पहाड़ों पर एक बार फिर बारिश और बर्फबारी का नया दौर शुरू होने वाला है. मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ यानी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (Western Disturbance) नाम की एक मौसमी प्रणाली फिर से एक्टिव हो रही है, जो हिमालय के इलाकों को भिगोने और बर्फ से ढकने वाली है.
मौसम विभाग के मुताबिक, आज यानी 6 फरवरी 2026 से ही एक पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में असर दिखाना शुरू कर रहा है. इसकी वजह से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है. पहाड़ों पर यह बर्फ लोगों के लिए खूबसूरत नजारा तो पेश करेगी, लेकिन साथ ही ठंड भी बढ़ाएगी.
9 से 11 फरवरी तक और तेज होगा असर
बर्फबारी का दौर थोड़ा रुकने के बाद फिर से जोर पकड़ेगा. 9 फरवरी से 11 फरवरी तक एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा. इस दौरान जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में अलग-अलग जगहों पर बारिश और बर्फबारी जारी रहेगी. कुछ जगहों पर यह बर्फबारी अच्छी खासी हो सकती है, जिससे सड़कें और ऊंचे दर्रे बंद होने का खतरा भी बढ़ सकता है.
मैदानी इलाकों पर क्या होगा असर?
पहाड़ों की यह ठंडी हवाएं और मौसम बदलाव मैदानी इलाकों तक पहुंचेगा. इंडो-गंगेटिक प्लेन यानी उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी हल्का असर दिखेगा. अगले तीन दिनों तक उत्तर-पश्चिम भारत में हवाओं की रफ्तार काफी तेज रहेगी. इस दौरान 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे या इससे ज्यादा स्पीड से हवाएं चलेंगी. ये तेज हवाएं दिल्ली-NCR और आसपास के इलाकों में प्रदूषण से काफी हद तक राहत दे सकती हैं.
वहीं, तापमान की बात करें तो 24 घंटों में उत्तर भारत के कई इलाकों में तापमान थोड़ा और नीचे आएगा. यह गिरावट 9 फरवरी के बाद और तेज होगी और 11 फरवरी तक जारी रह सकती है. हालांकि, दिल्ली-NCR में फिलहाल घना कोहरा कम हुआ है, लेकिन ठंड का एहसास बढ़ने की उम्मीद है.
आशुतोष मिश्रा