भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के साथ बैठक की. इस दौरान दोनों पक्षों के बीच सिक्योरिटी और जियो-पॉलिटिक्स के मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई. इस बैठक के बाद सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच रणनीतिक सहयोग लगातार आगे बढ़ रहा है. उन्होंने बताया कि बातचीत में डिफेंस, इंटेलिजेंस और रीजनल सिक्योरिटी जैसे अहम विषय शामिल थे.
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब वॉशिंगटन और नई दिल्ली हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग, सप्लाई चेन की मजबूती, आतंकवाद-रोधी प्रयासों और टेक्नोलॉजी जैसे मुद्दों पर लगातार बातचीत कर रहे हैं. दोनों देशों ने एशिया में बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य के बीच अपने संबंधों को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण बताया है. दोनों सरकारों के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा के स्तर पर नियमित संवाद जारी है, जिसके साथ-साथ व्यापार और आर्थिक मुद्दों पर भी बातचीत हो रही है. यह बैठक वरिष्ठ अधिकारियों के बीच जारी संवाद की उसी कड़ी का हिस्सा मानी जा रही है.
यह मुलाकात ऐसे समय में भी हुई है जब अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष ने वैश्विक बाजारों को प्रभावित किया है. कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अस्थिरता का माहौल बना हुआ है. इसके अलावा, इस बैठक का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि हाल ही में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक नेटवर्क का खुलासा किया है, जिसमें अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैन डाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों पर म्यांमार के विद्रोहियों को प्रशिक्षण देने का आरोप है.
वैनडाइक को कोलकाता से गिरफ्तार किया गया और वह पूर्व यूक्रेनी सैनिकों के एक समूह का नेतृत्व कर रहा था, जो मिजोरम कॉरिडोर के जरिए ड्रोन वॉर फेयर की ट्रेनिंग और सीमा पार अवैध गतिविधियों में शामिल था. पिछले सप्ताह सर्जियो गोर ने यह भी कहा था कि अमेरिका और भारत एक महत्वपूर्ण क्रिटिकल मिनरल्स समझौते को अंतिम रूप देने के करीब हैं और आने वाले महीनों में इस पर बड़ा ऐलान हो सकता है. उन्होंने दोनों देशों के संबंधों में हाल के समय में महत्वपूर्ण प्रगति होने की बात भी कही, जिसमें नए व्यापार समझौते पर आगे बढ़ती बातचीत शामिल है.
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