महबूबाबाद जिले की थोरूर नगर पालिका में चेयरमैन और वाइस-चेयरमैन चुनाव के दौरान कांग्रेस और बीआरएस नेताओं के बीच झड़प हो गई. वहीं, स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर कांग्रेस और बीआरएस कार्यकर्ताओं को खदेड़ दिया. और परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है.
बताया जा रहा है कि कांग्रेस और बीआरएस नेताओं के बीच विवाद उस वक्त शुरू हुआ, जब वारंगल सांसद कदियाम काव्या अपना एक्स-ऑफिसियो वोट डालने पहुंचीं. बीआरएस नेताओं ने उनकी पात्रता पर आपत्ति जताते हुए म्युनिसिपल कमिश्नर से शिकायत दर्ज कराई. विरोध के चलते दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता कार्यालय के बाहर जमा हो गए और नारेबाजी करने लगे और देखते ही देखते नारेबाजी झड़प में तब्दील हो गई.
'नियमों का उल्लंघन है ये'
बीआरएस नेताओं का आरोप है कि सांसद कदियाम काव्या ने 2025 में ग्रेटर वारंगल नगर निगम (GWMC) की कार्यवाही में पहले ही अपने एक्स-ऑफिसियो वोट का इस्तेमाल कर लिया है, इसलिए वह दोबारा वोट नहीं डाल सकतीं. पूर्व मंत्री एर्राबेली दयाकर राव ने इसे नियमों का उल्लंघन बताया.
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हंगामा
वहीं, तनाव बढ़ने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गांधी चौरस्ता पर प्रदर्शन किया और 'दयाकर राव गो बैक' के नारे लगाए. उनका आरोप था कि बिना वोटिंग अधिकार के दयाकर राव परिसर में दाखिल हुए हैं.
इसी गहमागहमी के बीच कांग्रेस नेताओं ने पूर्व मंत्री दयाकर राव के निजी सहायक (PA) पर भी कथित तौर पर हमला कर दिया. सांसद वाद्दीराजू रविचंद्र ने इस पूरे विवाद को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया है. फिलहाल, नगर पालिका कार्यालय पर भारी पुलिस बल तैनात है और चुनाव प्रक्रिया कड़ी सुरक्षा में जारी है.
बता दें कि थोरूर नगर पालिका के 16 वार्डों में से बीआरएस के पास 9 और कांग्रेस के पास 7 सदस्य हैं. यदि कदियाम काव्या और यशस्वी रेड्डी के एक्स-ऑफिशियो वोट जुड़ते हैं तो कांग्रेस की ताकत 9 हो जाएगी, जिससे मुकाबला बेहद कड़ा हो गया है.
अब्दुल बशीर