राजधानी एक्सप्रेस में आग लगने के बाद रेलवे बोर्ड ने बड़ा कदम उठाया है. तिरुवनंतपुरम सेंट्रल से हजरत निजामुद्दीन जा रही इस ट्रेन में रविवार सुबह हड़कंप मच गया. कोटा रेल डिवीजन के विक्रमगढ़ अलोट और लुनीरिछा रेलवे स्टेशन के बीच सुबह करीब 5:15 बजे अचानक B-1 कोच में आग लग गई. मध्य प्रदेश के रतलाम जंक्शन से रवाना होने के करीब डेढ़ घंटे बाद यह हादसा हुआ.
आग लगते ही यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई. देखते ही देखते लपटों ने पास में लगी लगेज ब्रेक और जनरेटर कार को भी अपनी चपेट में ले लिया. हालांकि, रेलवे स्टाफ तथा मौके पर मौजूद लोगों ने स्थिति पर जल्द काबू पा लिया. सबसे राहत की बात यह रही कि समय रहते एक बहुत बड़ी दुर्घटना टल गई.
हादसे के बाद रेलवे सख्त
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, रेलवे बोर्ड ने इस लापरवाही को बेहद गंभीरता से लिया है. पश्चिम मध्य रेलवे ज़ोन के तहत तुरंत एक उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन कर दिया गया है. इस स्पेशल टीम में रेलवे के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल किए गए हैं. इसमें वेस्ट सेंट्रल रेलवे के अलावा चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री और आरडीएसओ (RDSO) के तकनीकी एक्सपर्ट्स को भी जिम्मेदारी दी गई है.
इस पूरी जांच समिति की अगुवाई वेस्ट सेंट्रल रेलवे के मुख्य सुरक्षा अधिकारी को सौंपी गई है. इसके साथ ही टीम में इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और सिक्योरिटी विभाग के बड़े अफसरों को रखा गया है, ताकि हादसे के हर तकनीकी और सुरक्षा पहलू की बारीकी से जांच हो सके.
बोर्ड ने सख्त निर्देश दिए हैं कि कमेटी को तय समय सीमा के अंदर ही अपनी जांच पूरी करनी होगी. टीम मुख्य रूप से इस बात का पता लगाएगी कि आग लगने की असली तकनीकी वजह क्या थी और लापरवाही कहां हुई. इसके साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के उपाय भी सुझाए जाएंगे. रेलवे ने भरोसा दिया है कि यात्रियों की सुरक्षा उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है और इसके लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे.
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