महाठग सुकेश चंद्रशेखर को इस केस में मिली जमानत, फिर भी रहेगा सलाखों के पीछे

राउज एवेन्यू कोर्ट ने चर्चित 'टू लीव्स' सिंबल घोटाले से जुड़े मामले में सुकेश चंद्रशेखर को बड़ी राहत देते हुए जमानत दे दी है. यह मामला PMLA के तहत दर्ज किया गया था, जिसमें कोर्ट ने सुनवाई के बाद उसे बेल देने का फैसला सुनाया.

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दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट से मिली राहत, 26 मामलों में जमानत पा चुका है. (File Photo: ITG) दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट से मिली राहत, 26 मामलों में जमानत पा चुका है. (File Photo: ITG)

अरविंद ओझा

  • नई दिल्ली,
  • 07 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 4:40 PM IST

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से सुकेश चंद्रशेखर को 'टू लीव्स' सिंबल घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राहत मिली है. कोर्ट ने उसे जमानत तो दे दी है, लेकिन उसकी मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं. कई अन्य मामलों में जेल में बंद होने के कारण वह फिलहाल बाहर नहीं आ पाएगा.

जानकारी के मुताबिक, सुकेश चंद्रशेखर के खिलाफ कुल 31 मामले दर्ज हैं. इनमें से उसे अब तक 26 मामलों में जमानत मिल चुकी है. इसके बावजूद बाकी मामलों के चलते उसकी रिहाई संभव नहीं हो पाई है. 'टू लीव्स' सिंबल घोटाला पूरे देश में काफी चर्चित रहा है.

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इसमें चुनाव चिह्न को लेकर धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगे थे. इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने जांच करते हुए PMLA के तहत केस दर्ज किया था. अब कोर्ट से जमानत मिलने के बाद सुकेश को एक मामले में राहत जरूर मिली है, लेकिन उसकी कानूनी मुश्किलें बरकरार हैं.

कोर्ट ने सुकेश चंद्रशेखर को 5 लाख रुपए के निजी मुचलके पर जमानत देते हुए कहा कि संविधान में व्यक्तिगत आजादी सबसे पवित्र अधिकारों में से एक है. कोर्ट ने साफ कहा कि एक तरफ अदालतें व्यक्तिगत स्वतंत्रता की बात करें और दूसरी तरफ उसकी आजादी को सीमित करें, ये उचित नहीं है.

कोर्ट ने यह भी माना कि मनी लॉन्ड्रिंग एक गंभीर अपराध है. इसके लिए PMLA जैसा विशेष कानून बनाया गया है. लेकिन कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कानून राज्य के लिए ऐसा हथियार नहीं बन सकता, जिसके आधार पर किसी आरोपी की स्वतंत्रता को लंबे समय तक रोका जाए.

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अपने फैसले में कोर्ट ने कहा कि सुकेश चंद्रशेखर के खिलाफ 31 मामले दर्ज होने के बावजूद इस केस में उसके जमानत के अधिकार को खत्म नहीं किया जा सकता. वो इस मामले में पहले ही इतनी अवधि जेल में बिता चुका है, जो PMLA की धारा 4 के तहत संभावित सजा की आधी अवधि से अधिक है.

इन्हीं आधारों पर कोर्ट ने माना कि इस मामले में आरोपी को जमानत मिलना न्यायसंगत है. कोर्ट ने दोहराया कि अपराध गंभीर जरूर है, लेकिन कानून का इस्तेमाल किसी की आजादी को बेवजह लंबे समय तक रोकने के लिए नहीं किया जा सकता. फिलहाल, सुकेश चंद्रशेखर जेल में ही रहेगा.

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