राज्यसभा में ग्रामीण विकास मंत्रालय के कामकाज पर 10 मार्च को चर्चा हुई थी. ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को राज्यसभा में इस चर्चा का जवाब दिया. शिवराज ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस को निशाने पर रखा. उन्होंने कहा कि यह कहते हैं मनरेगा खत्म कर दी, तो बापू का अपमान कर दिया. केवल नाम बदलना अपमान है, तो सबसे पहले यह अपमान कांग्रेस ने किया जवाहरलाल नेहरू का.
शिवराज ने कहा कि पहले तो नरेगा थी, बाद में यह मनरेगा हो गई. उन्होंने कहा कि नाम बदलने से अपमान नहीं होता. कितनी योजनाओं के नाम एक परिवार के नाम पर हैं. एक परिवार के नाम पर 600 सरकारी योजनाओं के नाम पंडित नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी के नाम पर रखे गए हैं. शिवराज ने एयरपोर्ट से पोर्ट और अवॉर्ड तक, आंकड़े गिनाए और सवालिया अंदाज में कहा कि कहां बापू में श्रद्धा थी. हम अगर एक योजना का नाम विकसित भारत जी राम जी कर दें, तो आपको तकलीफ हो जाए. राम के नाम पर क्या आपत्ति.
उन्होंने कहा कि जैसे ही राम का नाम आया, ऐसा लगा कि कांग्रेस भूचाल ला देगी, संग्राम होगा. संग्राम नहीं, महासंग्राम होगा. याचना नहीं अब रण होगा. मैं भी घबरा गया कि शिवराज अब क्या होगा. शिवराज ने राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की एक फोटो दिखाते हुए कहा कि ये फोटो देखकर मैं भी घबरा गया.
शिवराज के तस्वीर दिखाने पर कांग्रेस ने की आपत्ति
शिवराज सिंह चौहान के सदन में तस्वीर दिखाने पर कांग्रेस सांसद शक्ति सिंह गोहिल ने आपत्ति की और कहा कि नियमों के मुताबिक तस्वीर नहीं दिखाई जा सकती. यहां मंत्री तस्वीर दिखा रहे हैं. प्रमोद तिवारी ने स्टेडियम के नाम का मुद्दा उठाया. इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि वह स्टेडियम सरकारी नहीं है. गुजरात का एक एसोसिएशन है, उसने स्टेडियम बनाया. वह सरकारी नहीं है. प्रह्लाद जोशी ने कहा कि नेहरू, इंदिरा जी जब जीवित थे, तब अपने आपको भारत रत्न दे दिया. ये हमें क्या पाठ पढ़ाते हैं. शिवराज ने कहा कि पूछना चाहता हूं कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस, झांसी की रानी, चंद्रशेखर आजाद, शहीद भगत सिंह के नाम पर कितनी योजनाओं का नाम रखा. सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर कितनी योजनाओं का नाम रखा.
शिवराज का तंज- पत्ता भी नहीं हिला
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि संग्राम के ऐलान से सचमुच डर गया था मैं. पहले तारीख तय हुई पांच जनवरी, फिर आठ, फिर 10 जनवरी. मैं देशभर में घूमता रहा. फोटो मैंने देखा कि सिर पर गमछा, कंधे पर कुदाल और नीचे बेल्ट. पत्ता भी नहीं हिला. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के साथ सबका विश्वास है. सबने स्वीकार कर लिया कि वीबीजी राम जी मनरेगा से बहुत बेहतर योजना है. पहले तो कहा कि बजट में प्रावधान ही नहीं होगा, सरकार मनरेगा खतम करना चाहती है. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पहली बार 95 हजार 692 करोड़ का प्रावधान बजट में हुआ, जो केवल केंद्र का हिस्सा है. ये आशंका जता रहे थे कि राज्य सरकार बजट में कहां से प्रावधान करेगी. इस योजना की जनता ने प्रशंसा की है.
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उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों के बजट में भी प्रावधान हो रहे हैं. भारत की आर्थिक स्थिति निरंतर मजबूत हो रही है. झारखंड में हमारी सरकार नहीं है, बजट में 1983 करोड़ का प्रावधान कर दिया. केरल में लेफ्ट की सरकार है, प्रावधान कर दिया एक हजार करोड़. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पंजाब में सरकार 610 करोड़ 42 लाख का प्रावधान कर दिया. हिमाचल में कांग्रेस की सरकार है, 143 करोड़ का प्रावधान कर दिया. तमिलनाडु ने प्रावधान कर दिया, तेलंगाना प्रावधान कर रहा है. उन्होंने अन्य राज्यों के बजट में प्रावधान के आंकड़े भी सदन में बताए. केवल एक सरकार रह गई, जिसने प्रावधान नहीं किया.
कर्नाटक के बहाने खड़गे को घेरा
शिवराज ने कहा कि कर्नाटक सरकार. खड़गे जी ने डरा दिया होगा कि कर मत देना, हमने विरोध किया है. ना नीति, ना नेता, ना नीयत... कांग्रेस की स्थिति यह हो गई है कि दिल के टुकड़े हजार हुए, कोई इधर गिरा कोई उधर गिरा.उन्होंने कहा कि योजना लाई यूपीए की सरकार थी. योजना खतम करना होता, तो ये 2014-15 में खतम हो जाती. मनरेगा को यूपीए सरकार से बेहतर चलाने का काम मोदी सरकार ने किया. शिवराज ने कहा कि कुल मिलाकर यूपीए की सरकार के समय दो लाख 6 हजार 712 करोड़ खर्च किए. मोदी सरकार ने आठ लाख 58 हजार करोड़़ से ज्यादा हमने खर्च किए.
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उन्होंने कहा कि ग्राम सभा तय करेगी और वह काम विकसित भारत जी राम जी योजना के माध्यम से होगी. शिवराज ने एक-एक राज्य को आवंटन के आंकड़े भी गिनाए और कहा कि जिन सुझावों पर अमल किया जा सकता है, हम उन पर अमल करने का जरूर प्रयास करेंगे. आपके सुझावों का स्वागत करूंगा. शिवराज ने कहा कि आजादी की लड़ाई की पूंजी को अपने खाते में जमा रखने के लिए कांग्रेस को जीवित रखने का पाप किसी ने किया, तो कांग्रेस पार्टी ने किया. देश का विभाजन क्या बापू के विचार की हत्या नहीं थी.
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