होर्मुज पार कर आया शिवालिक... खाड़ी देश से ला रहा 45 हजार मीट्रिक टन LPG, दूर होगा गैस संकट!

ईरान-इजरायल युद्ध के चलते हॉर्मुज जलडमरूमध्य में फंसा भारतीय जहाज 'शिवालिक' 45,000 टन एलपीजी लेकर आज मुंद्रा बंदरगाह पहुंचने वाला है. भारत सरकार के सफल कूटनीतिक प्रयासों से युद्ध क्षेत्र से सुरक्षित निकले इस जहाज से देश में जारी एलपीजी संकट दूर होने की उम्मीद है.

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हॉर्मुज की घेराबंदी तोड़ मुंद्रा पोर्ट पहुँच रहा 'शिवालिक' (Photo-PTI) हॉर्मुज की घेराबंदी तोड़ मुंद्रा पोर्ट पहुँच रहा 'शिवालिक' (Photo-PTI)

ब्रिजेश दोशी

  • पटना,
  • 16 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 12:38 PM IST

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. भारतीय ध्वज वाला एलपीजी टैंकर शिवालिक एलपीजी करियर (Shivalik LPG Carrier) कुछ ही घंटों में गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचने वाला है.

यह जहाज युद्ध प्रभावित Strait of Hormuz से सुरक्षित निकलकर भारत की ओर रवाना हुआ था और इसमें 45 हजार मीट्रिक टन से अधिक एलपीजी लदी हुई है. माना जा रहा है कि इससे देश में चल रही एलपीजी आपूर्ति की किल्लत को कम करने में मदद मिलेगी.

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दोपहर 12 बजे तक कहां पहुंचा शिवालिक, तस्वीर से समझें

क्षेत्र में Iran–Israel Conflict के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कई जहाज फंसे हुए थे. भारत सरकार के लगातार कूटनीतिक प्रयासों के बाद दो भारतीय एलपीजी जहाजों को वहां से निकलने की अनुमति मिली. इनमें से पहला जहाज ‘शिवालिक’ अब मुंद्रा बंदरगाह पर पहुंचने वाला है. वहीं  दूसरा जहाज नंदा देवी कल यानि 17 मार्च को कांडला बंदरगाह पर पहुंचेगा.

 

इसी बीच एक अन्य भारतीय ध्वज वाला तेल टैंकर जग लाडकी (Jag Laadki) भी संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह से लगभग 80,800 टन कच्चा तेल लेकर सुरक्षित भारत के लिए रवाना हुआ है.

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सरकार ने बताया कि क्षेत्र में मौजूद भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा पर लगातार नजर रखी जा रही है और समुद्री व्यापार तथा ऊर्जा आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए संबंधित मंत्रालय और एजेंसियां समन्वय कर रही हैं.

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पूर्वी हिस्से में फंसे जहाजों में से एक भारतीय ध्वज वाला तेल टैंकर ‘जग प्रकाश’ शुक्रवार को युद्ध प्रभावित होर्मुज स्ट्रेट को पार कर गया था. यह जहाज ओमान के सोहर बंदरगाह से पेट्रोल लेकर अफ्रीका के तंजानिया स्थित टांगा बंदरगाह की ओर जा रहा है और 21 मार्च को वहां पहुंचने की उम्मीद है.

22 जहाज अभी भी फारस की खाड़ी में

सरकार ने कहा कि क्षेत्र में संचालित भारतीय जहाज और नाविक सुरक्षित हैं और समुद्री गतिविधियों की लगातार निगरानी की जा रही है. वर्तमान में फारस की खाड़ी के पश्चिमी हिस्से में 22 भारतीय ध्वज वाले जहाज और 611 नाविक मौजूद हैं.

भारत अपनी जरूरत का लगभग 88 प्रतिशत कच्चा तेल, 50 प्रतिशत प्राकृतिक गैस और 60 प्रतिशत एलपीजी आयात करता है. 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों और तेहरान की जवाबी कार्रवाई से पहले भारत के आधे से अधिक कच्चे तेल, लगभग 30 प्रतिशत गैस और 85 से 90 प्रतिशत एलपीजी आयात पश्चिम एशियाई देशों जैसे सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात से आते थे.

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संघर्ष के कारण होर्मुज स्ट्रेट, जो खाड़ी क्षेत्र से ऊर्जा आपूर्ति का मुख्य मार्ग है, प्रभावित हुआ है. भारत ने कुछ हद तक रूस सहित अन्य देशों से तेल खरीदकर आपूर्ति बाधित होने की भरपाई की है, लेकिन गैस की आपूर्ति औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए सीमित कर दी गई है और होटलों तथा रेस्तरां जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को मिलने वाली एलपीजी भी कम कर दी गई है.

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