लव जिहाद और अंतर-धार्मिक विवाह को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महासचिव दत्तात्रेय होसबाले ने अहम बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि यदि दो लोगों के बीच प्रेम पूरी तरह से शुद्ध है, तो उस पर कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता, भले ही दोनों अलग-अलग धर्म, जाति या देशों से हों. लेकिन यदि किसी एजेंडे या साजिश के तहत हिंदू लड़कियों को फंसाने की कोशिश होती है, तो वो गलत है.
एक इंटरव्यू में दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि RSS ने हमेशा ऐसे प्रेम विवाहों को स्वाभाविक माना है, जहां लोग अपनी जाति, समुदाय या धर्म से बाहर जाकर शादी करते हैं. उन्होंने कहा, ''हमारे स्वयंसेवकों के बीच ऐसे अनगिनत मामले हैं, जहां लोगों ने शुद्ध प्रेम के आधार पर शादी की है. हमने उन शादियों का स्वागत किया है. उनका जश्न मनाया है. उनमें शामिल भी हुए हैं. किसी उनका विरोध नहीं किया.''
जब लव जिहाद को लेकर सवाल पूछा गया, तो होसबाले ने कहा कि यह शब्द RSS ने नहीं दिया है. उन्होंने कहा, ''किसी ने भी इसे ठीक से परिभाषित नहीं किया है. लव जिहाद शब्द का इस्तेमाल सबसे पहले किसी हाई कोर्ट के जज ने किया था. इसलिए यह हमारा दिया हुआ शब्द नहीं है. यदि दो लोग सच में प्यार करते हैं, तो धर्म, देश या समुदाय मायने नहीं रखते. शुद्ध प्रेम पर कोई सवाल नहीं उठता.''
दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि समस्या तब पैदा होती है जब रिश्ते के पीछे कोई एजेंडा या साजिश हो. उन्होंने कहा, ''जब यह हिंदू लड़कियों को ले जाने की सोची-समझी साजिश बन जाती है, तब इससे सवाल उठते हैं और टकराव पैदा होता है.'' उन्होंने RSS प्रमुख मोहन भागवत की उस टिप्पणी का भी जिक्र किया, जिसमें कहा गया था कि हिंदुओं और मुसलमानों का DNA एक ही है.
होसबाले ने कहा, ''तब यह DNA वाली बात काम नहीं करती. यदि कोई किसी गांव से किसी लड़की को जबरदस्ती ले जा रहा है, तो यह प्यार नहीं है. किसी दूसरे समुदाय की लड़की को भी अगवा किया जाता है, तो इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती. आप यह नहीं कह सकते कि चूंकि हम एक ही DNA के हैं, इसलिए सब ठीक है.'' उन्होंने यह भी कहा कि ने कहा कि प्रेम विवाह को लेकर कोई रोक नहीं है.
उन्होंने दावा किया कि लव जिहाद के मामलों की बड़ी संख्या अदालतों तक पहुंच रही है. उन्होंने आगे कहा, ''कई लड़कियां वापस आई हैं. उन्होंने अपनी दुखभरी कहानियां बताई हैं. ऐसे लगभग 20 हजार मामले दर्ज किए गए हैं. ये सारी बातें यूं ही नहीं हो सकतीं. क्या प्यार सिर्फ एक तरफा होता है? हिंदू लड़कियों और मुस्लिम लड़कों के ही सारे मामले? यदि ऐसा है, तो यह प्यार नहीं बल्कि साजिश है.''
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