रॉबर्ट वाड्रा दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. हरियाणा के शिकोहपुर जमीन सौदे से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में उनकी तरफ से दायर की गई याचिका खारिज कोर्ट कर दी है. इसके साथ ही, हाईकोर्ट कोर्ट ने वाड्रा के खिलाफ राउज एवन्यू कोर्ट द्वारा जारी किए गए समन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. ऐसे में रॉबर्ट वाड्रा को 16 मई को राउज एवन्यू कोर्ट में पेश होना होगा.
दरअसल, दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 15 अप्रैल को रॉबर्ट वाड्रा और अन्य के खिलाफ शिकोहपुर जमीन सौदे से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप पत्र का संज्ञान लेते हुए सभी 9 आरोपियों को पेशी के लिए समन जारी किया था. इसके बाद वाड्रा ने इसी समन को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. हाईकोर्ट ने वाड्रा की याजिका खारिज कर दी है और 16 मई को राउज एवन्यू कोर्ट में पेश होने को कहा है.
ईडी ने वाड्रा की याचिका का सख्ती से विरोध करते हुए कहा, "यह सुनवाई योग्य नहीं है, क्योंकि इसमें जरूरी तथ्यों को जानबूझकर छुपाया गया है. इस तरह की आपत्तियां सीधे हाईकोर्ट में नहीं उठाई जा सकतीं हैं."
वाड्रा ने क्या दलील दी?
रॉबर्ट वाड्रा के वकीलों ने दलील देते हुए कहा कि जिन अपराधों के आधार पर आरोप लगाए गए हैं, वे कथित घटना के वक्त PMLA की अनुसूची में शामिल ही नहीं थे. इसलिए इन आरोपों पर आधारित समन गलत है.
फिलहाल, हाईकोर्ट ने इस मामले में वाड्रा को जवाब दाखिल करने के लिए वक्त दे दिया है और मामले की अगली सुनवाई 18 मई को तय की है. हाईकोर्ट का यह फैसला वाड्रा को राहत देने की उम्मीद पानी फेर दिया है. ऐसे में अब निचली अदालत की कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा.
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क्या है पूरा मामला?
शिकोहपुर लैंड स्कैम, जमीन–डील से जुड़ा बड़ा मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार का मामला है. इसमें रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी का खास तौर से जिक्र किया गया है. ईडी का आरोप है कि इस जमीन सौदे के जरिए वाड्रा और उनकी कंपनियों ने बड़ी मात्रा में पैसों की हेराफेरी की हैं. एजेंसी ने जांच के बाद, 17 जुलाई 2025 को अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी, जिसके बाद समन जारी किया गया था.
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