टेरर फंडिंग के आरोप में गिरफ्तार जम्मू कश्मीर में बारामुला के सांसद राशिद इंजीनियर को दिल्ली हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है.
दिल्ली हाईकोर्ट ने राशिद इंजीनियर को गंभीर रूप से बीमार अपने बुजुर्ग पिता खिज्र मोहम्मद से मिलने और देखभाल करने के वास्ते एक सप्ताह की अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है.
राशिद को 1 लाख रुपये के बॉन्ड और इतनी ही रकम की एक श्योरिटी यानी जमानत पर अंतरिम जमानत दी गई है. राशिद इंजीनियर ने अपने बीमार पिता से मिलने के लिए अंतरिम जमानत की गुहार लगाई थी, जिसे निचली अदालत ने खारिज कर दिया था.
पटियाला हाउस कोर्ट ने राशिद इंजीनियर की अंतरिम जमानत की अर्जी को NIA की सुरक्षा संबंधी दलील के आधार पर खारिज कर दिया था.
शर्तों के साथ मिली जमानत:-
- रिहाई के बाद भी राशिद के साथ दो पुलिस अफसर रहेंगे. यानी वह उनकी लगातार निगरानी में रहेंगे.
- इस दौरान वह उसी घर या हॉस्पिटल में रहेंगे, जहां उनके पिता रहेंगे.
-सांसद का पता अदालत और स्थानीय पुलिस को भी दिया जाएगा.
- उन्हें कहीं बाहर जाने की इजाजत नहीं होगी.
- राशिद के पिता को इलाज के लिए कहीं शिफ्ट करने की जरूरत होगी तभी वो साथ जा सकते हैं.
- वह एक मोबाइल नंबर इस्तेमाल कर सकेंगे, जो हमेशा स्विच्ड ऑन मोड में होगा.
- इंजीनियर अपने मामले से संबंधित किसी भी गवाह से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से संपर्क करने या उसे प्रभावित करने की कोशिश नहीं करेंगे.
- करीबी परिवार के लोगों के अलावा कोई भी उनके पास नहीं जाएगा.
- हाईकोर्ट ने साफ किया कि पुलिस सुरक्षा और अन्य सुविधाओं का खर्च NIA ही वहन करेगी.
संजय शर्मा