रामसेतु को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग, सुप्रीम कोर्ट में अब जुलाई के तीसरे हफ्ते में होगी सुनवाई

रामसेतु को राष्ट्रीय विरासत का दर्जा दिलाने की कानूनी लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर है. बीजेपी नेता डॉक्टर सुब्रमण्यन स्वामी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट जुलाई के तीसरे सप्ताह में सुनवाई करेगा. स्वामी ने सरकार पर उनकी मांगों पर फैसला लेने में देरी करने का आरोप लगाते हुए अदालत से हस्तक्षेप की गुहार लगाई है.

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राम सेतु को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग पर SC में जुलाई में होगी सुनवाई. (File photo: ITG) राम सेतु को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग पर SC में जुलाई में होगी सुनवाई. (File photo: ITG)

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 07 मई 2026,
  • अपडेटेड 2:44 PM IST

रामसेतु को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग वाली बीजेपी नेता और वरिष्ठ वकील डॉ. सुब्रमण्यन स्वामी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट जुलाई के तीसरे हफ्ते में सुनवाई करेगा. वहीं, कोर्ट द्वारा मामले में सुनवाई की तारीख तय होने के बावजूद स्वामी की अस्वस्थता के कारण उनके वकील ने कोर्ट से सुनवाई टालने की मांग की.

इस याचिका के माध्यम से स्वामी चाहते हैं कि न्यायालय केंद्र सरकार को उनके ज्ञापनों पर जल्द फैसला लेने का निर्देश दे.

सुब्रमण्यन स्वामी का कहना है कि पिछली सुनवाइयों के दौरान सरकार ने कोर्ट को आश्वस्त किया था कि वह रामसेतु को राष्ट्रीय स्मारक बनाने पर विचार कर रही है. हालांकि, लंबे वक्त के बाद भी सरकार ने उन्हें किसी फैसले से अवगत नहीं कराया है.

स्वामी के अनुसार, केंद्र को इस महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और ऐतिहासिक मुद्दे पर अपनी स्थिति जल्द स्पष्ट करनी चाहिए.

डॉ. स्वामी ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में केंद्र सरकार को 27 जनवरी 2023 और 15 मई 2025 को दो ज्ञापन सौंपे थे, लेकिन सरकार ने अभी तक अपने किसी फैसले से उन्हें अवगत नहीं कराया है. इसलिए उन्होंने फिर से सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है.

वहीं,  जुलाई के तीसरे हफ्ते में होने वाली इस सुनवाई में कोर्ट सरकार से उनके द्वारा लिए गए फैसलों की प्रगति पूछ सकता है. स्वामी का तर्क है कि रामसेतु का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व इसे राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने के लिए पर्याप्त है. अब देश की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सरकार जुलाई तक अपनी रिपोर्ट पेश करती है या अदालत कोई कड़ा निर्देश जारी करती है.

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