भारत के कई हिस्सों में मौसम फिर एक बार बदलने वाला है. दिल्ली में भी फिर बारिश की संभावना जताई गई है. फरवरी से ही शुरू हुई तेज गर्मी से अब अचानक राहत महसूस मिलने लगी है. सुबह के समय हल्की ठंडक का अहसास फिर से लौट आया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कई राज्यों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है.
आज के मौसम की बात करें तो दिल्ली में आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहेगा. मौसम विभाग के अनुसार, रात तक बादल और घने हो सकते हैं. राजधानी में अधिकतम तापमान 29°C से 31°C और न्यूनतम तापमान 13°C से 15°C के बीच रहने का अनुमान है. कुछ इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी कम दर्ज हो सकता है.
इसके बाद सोमवार, 23 मार्च 2026 को दिल्ली-एनसीआर के मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है. सोमवार को आसमान बादलों से घिरा रहेगा और सुबह से दोपहर के बीच गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है.
इस दौरान अधिकतम तापमान 30°C से 32°C और न्यूनतम तापमान 15°C से 17°C के बीच रहने की संभावना है.
कई राज्यों में बदलेगा मौसम
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर भारत में 24 मार्च तक कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है.
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कुछ जगहों पर हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है. यहां गरज-चमक के साथ 30–50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है.
वहीं जहां एक ओर भारत के कई हिस्सों में बारिश से ठंड की वापसी हुई है तो कुछ जगहों पर गर्मी को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है. IMD के अनुसार, 23 और 24 मार्च को कोंकण और गोवा के कुछ हिस्सों में, साथ ही केरल, माहे और तटीय कर्नाटक में मौसम गर्म और उमस भरा रहने वाला है.
मार्च में मौसम का असमान्य पैटर्न
मार्च में उत्तर-पश्चिम और पश्चिम भारत का मौसम असामान्य देखने को मिल रहा है. स्काईमेट वेदर की एक रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर-पश्चिम और पश्चिम भारत में मौसम पैटर्न के इस बदलाव का असर पाकिस्तान और अफगानिस्तान तक फैल गया है.
पंजाब, हरियाणा और दिल्ली समेत कई राज्यों में गर्मी काफी हद तक कम हो गई है. मौसम में बदलाव की इस स्थिति के पीछे कई मौसम प्रणालियों का एक साथ सक्रिय होना प्रमुख कारण माना जा रहा है.
उत्तरी, उत्तर-पश्चिम और पश्चिम भारत में लंबे समय तक बादलों और बारिश की पट्टी बनी रही, जो एक एक्स्ट्रा-ट्रॉपिकल सिस्टम और ट्रॉपिकल क्षेत्र के मेसो-स्केल सिस्टम के बीच हुए इंटरैक्शन का परिणाम थी.
इसके अलावा पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान, अफगानिस्तान और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख क्षेत्र में सक्रिय रहा, जबकि इसका प्रभावी चक्रवात राजस्थान के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में था.
अमन मैखुरी