दादी का किस्सा, जादूगर का शो... परिसीमन पर बोलने आए राहुल गांधी ने क्या कहानियां सुनाईं

लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने इसे महिलाओं को सशक्त बनाने वाला बिल नहीं बताया. उन्होंने अपने बचपन की दो कहानियां साझा कीं, जिनमें अंधेरे का डर और दादी की शिक्षाएं शामिल थीं.

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नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सदन में सुनाई बचपन की कहानी नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सदन में सुनाई बचपन की कहानी

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 17 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 5:23 PM IST

लोकसभा में महिला आरक्षण बिल के लिए परिसीमन पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधा.राहुल गांधी ने सदन में कहा कि, यह महिला आरक्षण बिल नहीं है. यह उन्हें सशक्त नहीं बनाएगा. अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने सदन में दो कहानियां भी सुनाईं. उनके मुताबिक ये कहानियां उनके बचपन से जुड़ी थीं.  

'बचपन में अंधेरे में लगता था डर'
महिला आरक्षण पर लोकसभा में बोलते हुए विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपने बचपन का एक निजी और भावुक प्रसंग साझा किया. उन्होंने कहा कि बचपन में उन्हें अंधेरे से बहुत डर लगता था और यह डर उन्हें और उनकी बहन प्रियंका गांधी को लंबे समय तक परेशान करता रहा.

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राहुल गांधी ने सदन में बताया कि उनके घर के पास एक बड़ा कुत्ता था, जो उन पर और उनकी बहन पर कई बार हमला करता था. इस वजह से वे रात के समय बगीचे की ओर जाने से डरते थे. जब इस डर के बारे में उनकी दादी को पता चला, तो उन्होंने उन्हें एक ऐसी सीख दी जो आज भी उनके साथ है.

'जब अंधेरे में अकेले छोड़ गईं थीं दादी'
राहुल गांधी ने कहा, 'मैं जब छोटा था हम बाहर गार्डन में जाने से डरते थे. एक दिन मेरी दादी मुझे हाथ पकड़कर रात मे बगीचे में लेकर आई. उन्होंने कहा अब तुम यहां से नहीं हिलोगे. फिर वो चली गई. मेरी हवा निकल गई. मुझे लगा आज तो मैं गया." 'वह चली गई मैं वहां दो तीन मिनट रहा, ऐसा लगा कि घंटो बीत गए. मेरे पैर कांपने लगे, तभी मेरी दादी मां आईं उन्होंने कहा तुम डर क्यों रहे हो.'मैंने कहा- सांप से, कुत्तों से और कई चीज़ों से.' 

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उन्होंने कहा कि तब उन्होंने कहां तुम सिर्फ दिमाग और सोच से डर रहे हो. फिर उन्होंने कहा कि तुम्हें पता है अंधेरे से नहीं डरना चाहिए क्योंकि सच अंधेरे में रहता है. तुमको उसके अंदर जाने से डर लगता है क्योंकि तुम सच नहीं जानना चाहते.

बाद में जब मैं बड़ा हुआ तो अहसास हुआ कि वो क्या कहना चाहती थी. वो था सत्यम शिवम सुदंरम.  जब तुम अंधेरे में जाओगे जो तुम्हें सच पता चलेगा. बाद में जब मैं बगीचे में जाता था तो वो मुझे सत्य अहिंसा की बातें बताती थीं. हालांकि कभी कभी सच कड़वा होता है लेकिन उसकी चिंता मत करो. उसी तरह आज सदन में कहूंगा कि यह महिला आरक्षण बिल नहीं है. यह उन्हें सशक्त नहीं बनाएगा.

राहुल गांधी ने सुनाई मैजिक शो की कहानी
जब राहुल यह कहानी सुना रहे थे तब स्पीकर ओम बिरला ने उन्हें रोका और कहा कि आप बिल पर बात कीजिए. तब राहुल गांधी ने मैजिक शो की कहानी सुनाई, जिसमें एक जादूगर बच्चों को बहुत से जादुई करतब दिखाकर लुभाता है. 
 
फिर राहुल गांधी ने कहा, 'मैं वापस गार्डन वाली कहानी सुनाता हूं. दादी ने कहा था कि 'सुनो राहुल मैं चाहती हूं कि तुम अंधेरे में देखना सीखो.अंधेरा में ही असली ताकत है. यह बढ़िया पॉलिटिकल लेसन है, जो असली ताकत होती है वो छिप कर काम करती है अपने आप को दिखाती नहीं है. मैं यह इसलिए बता रहा हूं कि सभी जानते हैं एक पार्टनरशिप हमारे जादूगर और बिजनेसमैन के बीच है.' 

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इस पर एनडीए सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया. राहुल ने कहा- मैं पीएम का नाम नहीं ले रहा हूं. मैंने पीएम का नाम नहीं लिया. जादूगर के पूरे इतिहास में यह ताकत छिपी है. जबसे वे यहां आए तब से यह चल रहा है. भाजपा जानती है कि यह बिल पास नहीं हो सकता. वे इतने बेवकूफ नहीं है वे जानते हैं, इसीलिए उन्होंने चुनावी नक्शा बदलने के लिए महिला आरक्षण का सहारा लिया. सच यह है कि जादूगर पकड़ा गया है. सिंदूर, नोटबंदी का जादूगर पकड़ा गया है.

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