राहुल गांधी के साथ सिद्धारमैया और DK शिवकुमार की मीटिंग, पावर टसल के बीच पहली मीटिंग

राहुल गांधी की आज कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार से मीटिंग होगी. सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच चल रहे पावर टसल के बीच राहुल गांधी के साथ ये पहली मीटिंग होगी.

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सिद्धारमैया-शिवकुमार से राहुल गांधी की मीटिंग (Photo: X/INC) सिद्धारमैया-शिवकुमार से राहुल गांधी की मीटिंग (Photo: X/INC)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 13 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:12 AM IST

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी आज कर्नाटक के दौरे पर रहेंगे. वो दोपहर ढाई बजे मैसूर पहुंचेंगे. मैसूर एयरपोर्ट पर सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार उनका स्वागत करेंगे.

कर्नाटक के बाद राहुल गांधी तमिलनाडु के दौरे पर भी रहेंगे. वो नीलगिरी के गुडालूर में सेंट थॉमस इंग्लिश हाई स्कूल के गोल्डन जुबली सेलिब्रेशन में शामिल होंगे. वह स्कूल में पोंगल कार्यक्रम में भी शामिल होंगे.

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राहुल आखिरी बार सितंबर 2022 में अपनी 'भारत जोड़ो यात्रा' के दौरान गुडालूर गए थे, जहां उन्होंने समर्थकों की एक सभा को संबोधित किया था. उस समय, वो 'भारत जोड़ो यात्रा' जारी रखने के लिए कर्नाटक जाने से पहले एक प्राइवेट स्कूल में रात भर रुके थे.

पावर टसल के बीच पहली मीटिंग

कर्नाटक में सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के बीच कई महीनों से सियासी खींचतान भी चल रही है. हालांकि, दोनों इस खींचतान की बात को खारिज करते हैं और फैसला आलाकमान पर छोड़ देते हैं.

नवंबर-दिसंबर में दोनों के बीच खींचतान इतनी बढ़ गई थी कि आलाकमान को इसमें दखल देना पड़ा था. दोनों के बीच सबकुछ ठीक है, दिखाने के लिए आलाकमान ने दोनों को एक-दूसरे के घर पर नाश्ता करने को भी कहा था.

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इस खींचतान के बीच दोनों की मंगलवार को राहुल गांधी के साथ मीटिंग होगी. यह खींचतान के बाद राहुल गांधी के साथ पहली मीटिंग होगी.

किस बात की खींचतान है?

कर्नाटक में मई 2023 में कांग्रेस की सरकार बनी थी. ऐसा दावा किया जाता है कि उस समय 'ढाई साल का फॉर्मूला' बना था. इसमें तय हुआ कि पहले ढाई साल सिद्धारमैया सीएम रहेंगे और बाद के ढाई साल शिवकुमार मुख्यमंत्री रहेंगे.

पिछले साल 20 नवंबर को जब सिद्धारमैया की सरकार को ढाई साल पूरे हुए तो शिवकुमार के समर्थक विधायकों ने दिल्ली में डेरा डाल लिया था. उनके समर्थक उन्हें सीएम बनाने की मांग कर रहे थे.

दोनों के बीच जारी खींचतान ने शिवकुमार ने 'सीक्रेट डील' वाली बात कही थी, जिसके बाद विवाद और बढ़ गया था. शिवकुमार ने दावा किया था कि जब सरकार बनने वाली थी तो 5-6 लोगों के बीच सीक्रेट डील हुई थी. कांग्रेस ने कभी आधिकारिक तौर पर ढाई साल वाले फॉर्मूले का जिक्र नहीं किया है लेकिन शिवकुमार के बयान ने इन अटकलों को बल दे दिया था.

फिलहाल दोनों के बीच उस तरह की खींचतान नहीं दिख रही है, जैसी नवंबर-दिसंबर में थी. लेकिन अब भी दोनों के बीच खींचतान बनी हुई है.

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