हरियाणा और पंजाब के बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन (Farmers Protest) को लेकर आमरण अनशन कर रहे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की सेहत को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सारी रिपोर्ट देखी. जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने गुरुवार को हुई सुनवाई में पंजाब सरकार से कहा था कि वो डल्लेवाल की हेल्थ रिपोर्ट कोर्ट के सामने लाए. पंजाब सरकार ने डल्लेवाल की हेल्थ रिपोर्ट अदालत के सामने पेश की.
पंजाब सरकार ने कहा कि डल्लेवाल की ECG नॉर्मल है, सभी पैरामीटर लिमिट मे हैं. उनके हार्ट मे कोई दिक्कत नहीं है. पंजाब सरकार के एजी गुरमिंदर सिंह ने कोर्ट को बताया कि डल्लेवाल अब सहयोग कर रहे हैं.
पंजाब सरकार की दलील पर कोर्ट ने क्या कहा?
पंजाब सरकार की पैरवी करते हुए राज्य के AG ने कहा कि डल्लेवाल भी अब मेडिकल जांच में सहयोग कर रहे हैं. कोर्ट ने कहा कि डल्लेवाल की हालत पर निगरानी के लिए उन्हें धरने वाली जगह के पास बनाए गए अस्थायी अस्पताल में शिफ्ट किया जाए. राज्य के डीजीपी और चीफ सेक्रेटरी इसे लेकर हलफनामा दायर करें.
वकील ने कहा कि हम इस बारे में सरकार से निर्देश लेकर आपको बताएंगे.
कोर्ट ने दिया था जांच के आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने 19 दिसंबर को पंजाब सरकार से कहा था कि वह डल्लेवाल की स्वास्थ्य की जांच करे. सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार को फटकार लगाई थी. अदालत ने कहा था कि वह (सरकार) अनशन पर बैठे डल्लेवाल की मेडिकल जांच क्यों नहीं कर रही है. दरअसल, डल्लेवाल (70) कैंसर के मरीज हैं. वह फसलों पर एमएसपी की कानूनी गारंटी सहित कई मांगों को लेकर आंदोनल कर रहे हैं.
यह भी पढ़ें: 25 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे किसान नेता डल्लेवाल की हालत बेहद नाजुक, डॉक्टरों ने जताई चिंता
खतरे में है डल्लेवाल की जान: डॉक्टर
डॉक्टरों की टीम ने गुरुवार को बताया था कि उनका ब्लड प्रेशर कम हो गया था. इसके बाद उनके पैरों को ऊपर उठाकर मालिश की गई. लेकिन उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है. उनकी जान खतरे में है और किसी भी समय कुछ भी हो सकता है. डॉक्टरों ने कहा, 'कीटोन्स का स्तर बहुत ज्यादा है. इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन के कारण उन्हें कभी भी कार्डियक अरेस्ट हो सकता है. उनकी स्थिति गंभीर है. किसान नेता अभिमन्यु कोहर ने कहा कि दल्लेवाल की हालत बहुत खराब हो गई है.'
संजय शर्मा