जल जीवन मिशन में गड़बड़ियों की जांच पूरी, अब रुके पेमेंट जारी करेगी सरकार, योजना के बजट में होगी बड़ी कटौती!

जल जीवन मिशन को 2028 तक बढ़ाने की मंजूरी लंबित होने और खर्च की सीमित संभावनाओं के चलते इस वर्ष के बजट में करीब 60 फीसदी कटौती की तैयारी है. योजना में अनियमितताओं की जांच पूरी होने के बाद केंद्र सरकार ने रुके हुए भुगतान जारी करने का फैसला किया है.

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केंद्र सरकार जल जीवन मिशन में अनियमितताओं की जांच पूरी होने के बाद अब रुके हुए भुगतान जारी करेगी. (सांकेतिक तस्वीर) केंद्र सरकार जल जीवन मिशन में अनियमितताओं की जांच पूरी होने के बाद अब रुके हुए भुगतान जारी करेगी. (सांकेतिक तस्वीर)

हिमांशु मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 13 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 12:54 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना 'जल जीवन मिशन' के तहत रुके हुए भुगतान को जल्द जारी करने का फैसला सरकार ने लिया है. सूत्रों के मुताबिक, योजना में अनियमितताओं की शिकायतों के बाद रोके गए भुगतान अब जांच पूरी होने के बाद बहाल किए जाएंगे. यह मामला जल्द ही केंद्रीय कैबिनेट के सामने रखा जाएगा और मंजूरी मिलने के बाद संबंधित राज्यों को भुगतान जारी किया जाएगा.

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दरअसल, गांवों में हर घर तक पाइपलाइन के जरिए पीने का पानी पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू किए गए जल जीवन मिशन में कई राज्यों से गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आई थीं. इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने जल शक्ति मंत्रालय को निर्देश दिया था कि जहां-जहां शिकायतें मिली हैं, वहां गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. जांच पूरी होने तक सभी तरह के भुगतान रोक दिए गए थे.

सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री के निर्देश के बाद देशभर में व्यापक जांच की गई और कार्रवाई भी हुई. जांच रिपोर्ट और अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में की गई. पीएम मोदी ने जांच और कार्रवाई पर संतोष जताया और कहा कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि हर गांव में हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचे. जांच के दौरान छत्तीसगढ़, गुजरात, झारखंड, पंजाब, केरल, असम, हरियाणा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, मेघालय, त्रिपुरा, कर्नाटक, लद्दाख, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, ओडिशा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कार्रवाई की गई.

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इन राज्यों में कुल 621 अधिकारियों, 969 ठेकेदारों और 153 थर्ड पार्टी निरीक्षण एजेंसियों के खिलाफ कदम उठाए गए हैं. इस बीच, जल जीवन मिशन को वर्ष 2028 तक बढ़ाने के लिए अभी कैबिनेट की मंजूरी मिलना बाकी है. ऐसे में अगले दो-तीन महीनों में चालू वित्त वर्ष के लिए आवंटित पूरी राशि खर्च हो पाना मुश्किल माना जा रहा है. इसी कारण केंद्र सरकार इस साल जल जीवन मिशन के लिए बजट में दी गई 67 हजार करोड़ रुपये की राशि में लगभग 60 प्रतिशत की कटौती कर इसे करीब 17 हजार करोड़ रुपये तक लाने की तैयारी में है. सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस फैसले पर अंतिम मुहर लग सकती है.

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