मिडिल ईस्ट संकट पर CCS की बैठक, पीएम मोदी बोले- जनता पर न पड़े जंग का असर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिडिल ईस्ट संकट को लेकर उच्च स्तरीय बैठक की जिसमें क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के उपायों पर चर्चा हुई. साथ ही एलपीजी और पीएनजी की आपूर्ति से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया. सरकार ने आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने पर जोर दिया और सभी विभागों को सतर्क रहने तथा त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए.

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CCS की बैठक में मिडिल ईस्ट संकट से निपटने के प्लान पर चर्चा हुई (Photo- ITG) CCS की बैठक में मिडिल ईस्ट संकट से निपटने के प्लान पर चर्चा हुई (Photo- ITG)

ऐश्वर्या पालीवाल / हिमांशु मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 01 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 11:22 PM IST

मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने बुधवार को प्रधानमंत्री आवास पर सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की बैठक की अध्यक्षता की. इस मुद्दे पर यह CCS की दूसरी विशेष बैठक थी. बैठक में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों द्वारा उठाए गए कदमों की समीक्षा की गई और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि जंग का असर जनता पर न पड़े.

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पीआईबी के मुताबिक कैबिनेट सचिव ने बैठक में बताया कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों, खासकर एलपीजी और एलएनजी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए गए हैं. एलपीजी के लिए अलग-अलग देशों से आयात बढ़ाया जा रहा है और एलएनजी भी विविध स्रोतों से मंगाई जा रही है. घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है. साथ ही, कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई जारी है.

पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शनों का विस्तार करने के लिए भी कदम उठाए गए हैं. गर्मियों के चरम महीनों के दौरान बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कई उपाय किए गए हैं. गैस आधारित पावर प्लांट्स को गैस पूलिंग तंत्र से छूट देकर राहत दी गई है और थर्मल पावर स्टेशनों तक अधिक कोयला पहुंचाने के लिए रैक की संख्या बढ़ाई गई है, ताकि गर्मियों में बिजली की कमी न हो.

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इसके अलावा बैठक में कृषि, खाद, विमानन, शिपिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में संभावित चुनौतियों पर भी चर्चा हुई. सरकार ने बताया कि खाद की आपूर्ति बनाए रखने के लिए यूरिया उत्पादन जारी है और डीएपी/एनपीके की सप्लाई के लिए विदेशों से तालमेल किया जा रहा है. राज्यों को जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए निगरानी और कार्रवाई तेज करने को कहा गया है.

बैठक में बताया गया कि खाद्य वस्तुओं की कीमतें पिछले एक महीने से स्थिर बनी हुई हैं. सरकार ने कीमतों की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम बनाए हैं और राज्यों के साथ लगातार संपर्क में है. सब्जियों और फलों की कीमतों पर भी नजर रखी जा रही है. 

इसके साथ ही यह भी चर्चा हुई कि सरकार ऊर्जा, उर्वरक और अन्य सप्लाई चेन के स्रोतों को वैश्विक स्तर पर विविध बनाने के प्रयास कर रही है. साथ ही, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयास और कूटनीतिक बातचीत जारी है.

प्रधानमंत्री ने आम जनता के लिए जरूरी चीजों की उपलब्धता की समीक्षा की और कहा कि खरीफ और रबी सीजन में खाद की सप्लाई सुनिश्चित करना जरूरी है. उन्होंने यह भी जोर दिया कि लोगों तक सही और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे, ताकि अफवाहों को रोका जा सके.

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बैठक में प्रधानमंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि मौजूदा वैश्विक हालात के बीच आम नागरिकों और प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं को कम करने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएं.

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