2 करोड़ कैश, 13 प्लॉट-5 आलीशान घर... इंजीनियर की अकूत दौलत देखकर सन्न रह गए छापे मारने गई टीम

ओडिशा विजिलेंस विभाग की एक बड़ी टीम ने शुक्रवार को कंधमाल जिले के बालीगुडा में (ITDA) में तैनात असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर बैकुंठ नाथ बेहेरा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोपों पर कड़ा एक्शन लेते हुए राज्य के विभिन्न जिलों में स्थित उनके 9 ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की.

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छापेमारी की जानकारी देते विजिलेंस अधिकारी. (photo: ITG) छापेमारी की जानकारी देते विजिलेंस अधिकारी. (photo: ITG)

अजय कुमार नाथ

  • भुवनेश्वर,
  • 07 जून 2026,
  • अपडेटेड 9:40 AM IST

ओडिशा विजिलेंस विभाग ने शनिवार को कंधमाल जिले के बालीगुडा में इंटीग्रेटेड ट्राइबल डेवलपमेंट एजेंसी (ITDA) में तैनात असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर बैकुंठ नाथ बेहेरा के ठिकानों पर आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई की. छापेमारी के दौरान विभाग को इंजीनियर के बैंक लॉकरों से 2 करोड़ रुपये से ज्यादा का कैश और करोड़ों की बेनामी संपत्ति बरामद की गई है.

विजिलेंस अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को विजिलेंस अधिकारियों ने विशेष न्यायाधीश, विजिलेंस, भुवनेश्वर द्वारा जारी वारंट के आधार पर ओडिशा के कई जिलों में बेहेरा और उनके परिवार से जुड़े नौ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. इनमें भुवनेश्वर के निलाद्रि विहार, सैलाईश्री विहार, कानन विहार और चंद्रशेखरपुर स्थित आवासीय परिसरों के साथ-साथ जाजपुर जिले के धर्मशाला में पैतृक घर, बारीपदा में रिश्तेदारों के घर, बालिगुड़ा में उनका कार्यालय कक्ष और सरकारी आवास शामिल हैं.

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भुवनेश्वर और धर्मशाला में मिलीं आलीशान इमारतें

अधिकारियों ने बताया कि जांच में बेहेरा और उनके परिवार से जुड़े पांच बहुमंजिला आवासीय परिसरों का पता चला है. इनमें भुवनेश्वर के नीलाद्रि विहार में लगभग 10,500 वर्ग फुट में फैली एक भव्य चार मंजिला इमारत, शैलश्री विहार में एक तीन मंजिला मकान, कानन विहार में एक दो मंजिला घर, चंद्रशेखरपुर में एक अन्य दो मंजिला बिल्डिंग और धर्मशाला में पैतृक भूमि पर बना एक बड़ा रिहायशी मकान शामिल है.

'प्राइम लोकेशन में मिली कई प्लॉट'

साथ ही आय से अधिक संपत्ति की इस बड़ी जांच में सरकारी इंजीनियर और उनके परिवार के स्वामित्व वाले कुल 14 कीमती भूखंडों (प्लॉट) की पहचान की गई है. इनमें से सात बेशकीमती प्लॉट अकेले राजधानी भुवनेश्वर के नीलाद्रि विहार, शैलश्री विहार, गोविंद प्रसाद, बोमीखाल, घाटिकीया और जटनी जैसे प्राइम इलाकों में हैं, जबकि पांच प्लॉट जाजपुर के धर्मशाला और दो प्लॉट बारीपदा में स्थित हैं.

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'नोटों की गिनती के लिए मंगाई मशीन'

विजिलेंस विभाग के अधिकारियों को सबसे बड़ी सफलता भुवनेश्वर के चंद्रशेखरपुर में स्थित एक्सिस बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शाखाओं से मिली. वहां जब बैकुंठ नाथ बेहेरा की पत्नी के नाम पर मौजूद दो बैंक लॉकरों को खोला गया तो अधिकारी हैरान रह गए. उन लॉकरों के अंदर से लगभग 2 करोड़ रुपये की भारी नकदी बरामद की गई, जिसे गिनने के लिए बैंक की नोट गिनने वाली मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है.

विजिलेंस विभाग के तकनीकी विंग के अधिकारी वर्तमान में सभी जमीनों और मकानों के बाजार मूल्य का सटीक मूल्यांकन करने में जुटे हुए हैं. इसके साथ ही छापेमारी के दौरान विभिन्न ठिकानों से बरामद हुए 341 ग्राम सोने के गहनों के वजन व कीमत के वेरिफिकेशन के साथ-साथ 45 लाख रुपये से अधिक के बैंक डिपॉजिट, पोस्टल सेविंग्स और अन्य वित्तीय निवेशों के कागजातों को भी खंगाला जा रहा है.


विजिलेंस रिकॉर्ड्स के अनुसार, बैकुंठ नाथ बेहेरा ने 16 अगस्त 1999 को नबरंगपुर ब्लॉक में एक जूनियर इंजीनियर (सिविल) के रूप में सरकारी सेवा की शुरुआत की थी, तब उन्हें हर महीने महज 6,000 रुपये वेतन मिलता था. विभिन्न पदों पर काम करने के बाद वह अक्टूबर 2016 में असिस्टेंट इंजीनियर बने और फरवरी 2026 में उन्हें प्रमोट कर बालीगुडा में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर बनाया गया था, जहां उनका मौजूदा वेतन लगभग 80,000 रुपये प्रति माह था.

इसी बीच कटक जिले के नरसिंहपुर इलेक्ट्रिकल सेक्शन के तहत टीपीसीओडीएल (TPCODL) में तैनात एक लाइनमैन-ए धर्म निरंजन चौधरी को विजिलेंस की टीम ने एक अलग कार्रवाई में गिरफ्तार किया है. आरोपी लाइनमैन पर आरोप है कि उसने एक किसान के खेत से क्षतिग्रस्त बिजली के खंभे (इलेक्ट्रिक पोल) को बदलने के एवज में उससे 15,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी और उसे स्वीकार कर रहा था.

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