दिल्ली से ग्रेटर नोएडा सफर होगा आसान, 8 एलिवेटेड स्टेशनों वाला नए मेट्रो कॉरिडोर को मिली मंजूरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नोएडा मेट्रो के सेक्टर-142 से बॉटेनिकल गार्डन तक 11.56 किमी लंबे नए कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है. इस रूट पर आठ एलिवेटेड स्टेशन बनाए जाएंगे. इसके पूरा होने के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा का मेट्रो नेटवर्क 61.62 किमी तक पहुंच जाएगा.

Advertisement
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नोएडा मेट्रो विस्तार परियोजना को दी स्वीकृति (Photo: PTI) केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नोएडा मेट्रो विस्तार परियोजना को दी स्वीकृति (Photo: PTI)

भूपेन्द्र चौधरी

  • नोएडा,
  • 14 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:33 PM IST

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज नोएडा मेट्रो के सेक्टर-142 से बॉटेनिकल गार्डन तक 11.56 किलोमीटर लंबे नए कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है. इस कॉरिडोर में कुल आठ एलिवेटेड स्टेशन बनाए जाएंगे. इसके शुरू होने के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा का पूरा मेट्रो नेटवर्क 61.62 किलोमीटर तक पहुंच जाएगा, जो अब तक का सबसे बड़ा विस्तार माना जा रहा है. यह परियोजना आने वाले समय में शहर की कनेक्टिविटी, यातायात व्यवस्था और आर्थिक गतिविधियों पर व्यापक प्रभाव डालेगी.

Advertisement

यह नया कॉरिडोर खास तौर पर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे दिल्ली से नोएडा होते हुए ग्रेटर नोएडा जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी. वर्तमान में दिल्ली से ग्रेटर नोएडा पहुंचने के लिए सेक्टर-51 में इंटरचेंज या फिर सड़क मार्ग का सहारा लेना पड़ता है, लेकिन नई लाइन शुरू होने के बाद यात्री बॉटेनिकल गार्डन पर उतरकर सीधे सेक्टर-142 तक जा सकेंगे और वहां से ग्रेटर नोएडा के डिपो स्टेशन तक बिना किसी परेशानी के पहुंच सकेंगे. इसका मतलब है कि दिल्ली की ब्लू लाइन या मैजेंटा लाइन से सिर्फ एक इंटरचेंज में पूरा ग्रेटर नोएडा आसानी से कवर किया जा सकेगा.

इस रूट के विकसित होने से नोएडा के कई बड़े व्यावसायिक और आईटी सेक्टर सीधे मेट्रो से जुड़ जाएंगे, जिनमें सेक्टर-142 का एडवांट बिजनेस पार्क, सेक्टर-98 का स्काईमार्क वन मॉल और सेक्टर-93 का मॉल ऑफ नोएडा जैसे प्रमुख केंद्र शामिल हैं. 

Advertisement

यह भी पढ़ें: मुंबई में मेट्रो ब्रिज स्लैब गिरने के मामले में एक्शन, इंजीनियर सस्पेंड, कपंनी पर 5 करोड़ का जुर्माना

इसके साथ ही इलाके में मौजूद माइक्रोसॉफ्ट, टीसीएस, इंफोसिस, कॉग्निजेंट, एडोब और ओरेकल जैसी प्रमुख मल्टीनेशनल कंपनियों को भी तेज ट्रांसपोर्टेशन सुविधा मिलेगी, जिससे हजारों कर्मचारियों की रोजाना यात्रा काफी आसान होगी. इसके अलावा सेक्टर-125 स्थित एमिटी यूनिवर्सिटी, विभिन्न स्कूल और सेक्टर-128 का मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल जैसे संस्थान भी इस कॉरिडोर से सीधे डूबेंगे.

नए मेट्रो कॉरिडोर से शहर की सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा, जिससे ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी। साथ ही प्रदूषण में भी कमी आने की उम्मीद है. सार्वजनिक परिवहन मजबूत होने से लोग निजी वाहनों पर निर्भरता कम करेंगे, जिससे ईंधन की बचत होगी और पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.

इस नए मेट्रो कॉरिडोर से यात्रा समय कम होगा और शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच तेज आवाजाही से व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा. नए स्टेशन खुलने से आसपास के इलाकों में रोजगार और विकास के अवसर भी बढ़ेंगे.

कुल मिलाकर, सेक्टर-142 से बॉटेनिकल गार्डन तक का यह नया मेट्रो कॉरिडोर नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है. यह न केवल यात्रा को तेज और सुरक्षित बनाएगा, बल्कि दिल्ली-एनसीआर की पूरी शहरी गतिशीलता को नई दिशा देगा.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement