कर्नाटक के बेंगलुरु में लिक्विड नाइट्रोजन पान खाने से 12 साल की बच्ची के पेट में छेद हो गया. पेट में दर्द होने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया. जहां डॉक्टरों को जांच में पेट के निचले हिस्से में छेद होने का पता चला. डॉक्टरों ने तुरंत सर्जरी का सुझाव दिया, जिसके बाद बच्ची के पेट से संक्रमित हिस्से को बाहर निकाला दिया गया. बच्ची को अस्पताल से छुट्टी मल गई और वह अब स्वस्थ है. पीड़ित बच्ची अपने परिवार के साथ एक शादी के रिसेप्शन में गई थी. वहां पर उसने ये स्मोक वाला पान खाया था.
बच्ची को नारायण मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल, HSR लेआउट में भर्ती कराया गया. मुख्य सर्जन डॉक्टर विजय एचएस ने बताया कि बच्ची के पेट में 4x5 सेंटीमीटर का एक छेद हो गया था. उन्हें पेट के छेद को ठीक करने के लिए एक जटिल सर्जरी करनी पड़ी.
कैसे करता है नुकसान
स्मोक वाले पान खाने के बाद इसका लोगों की सेहत पर क्या असर पड़ेगा, इस पर डॉक्टर विजय एचएस ने बताया कि लिक्विड नाइट्रोजन में दो प्रॉपर्टीज होते हैं जो स्वास्थ्य के लिए समस्या पैदा कर सकते हैं. पहला तापमान को लेकर, जिसे तकनीकी रूप से कोल्ड बर्न कहा जाता है. ठंड से जलने पर टिशू खराब हो जाते हैं. जब भी यह स्किन, आंखों आदि के संपर्क में आता है तो स्किन को काफी नुकसान पहुंचाता है. इसका दूसरा प्रभाव ये है कि 1 ग्राम लिक्विड नाइट्रोजन 600-700 मिलीलीटर गैस बना सकता है. अगर आपका वजन 2-3 ग्राम हो जाता है, तो आपको अपने पेट से लगभग 1500 मिलीलीटर गैस बाहर निकालनी होगी. ज्यादातर समय शरीर इसे कंट्रोल नहीं कर पाता और शरीर को नुकसान पहुंचता है. यह जीवन के लिए खतरा पैदा कर सकता है. डॉक्टर ने बताया कि लड़की के पेट में लगभग 4x5 सेमी का एक छेद था.
तमिलनाडु स्वास्थ्य विभाग ने 25 अप्रैल को एक आदेश जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि खाद्य पदार्थों या पेय पदार्थों को परोसने से पहले लिक्विड नाइट्रोजन को पूरी तरह से वाष्पित कर दिया जाना चाहिए. दरअसल, कर्नाटक के दावणगेरे में एक प्रदर्शनी में 'स्मोक वाली बिस्कुट' खाने के बाद एक लड़के के बीमार होने के बाद ये निर्देश जारी किया गया था.
सगाय राज