नीतीश कटारा हत्याकांड: विकास यादव को सुप्रीम कोर्ट से राहत, होली पर 7 मार्च तक फरलो मंजूर

सुप्रीम कोर्ट की पीठ, जिसमें जस्टिस एम.एम. सुंदरश और जस्टिस विपुल एम. पंचोली शामिल थे, ने स्पष्ट किया कि विकास यादव को 7 मार्च शाम 5 बजे से पहले जेल में सरेंडर करना होगा.

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विकास यादव लगभग 23 वर्ष जेल में बिता चुका है. (File Photo- ITG) विकास यादव लगभग 23 वर्ष जेल में बिता चुका है. (File Photo- ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 27 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:22 PM IST

वर्ष 2002 के चर्चित नीतीश कटारा केस में उम्रकैद की सजा काट रहे दोषी विकास योदव को सुप्रीम कोर्ट ने होली के मौके पर अस्थायी राहत दी है. शीर्ष अदालत ने उन्हें 28 फरवरी से 7 मार्च तक फरलो पर रिहा करने की अनुमति दी है, ताकि वह परिवार के साथ त्योहार मना सकें.

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट की पीठ, जिसमें जस्टिस एम.एम. सुंदरश और जस्टिस विपुल एम. पंचोली शामिल थे, ने स्पष्ट किया कि विकास यादव को 7 मार्च शाम 5 बजे से पहले जेल में सरेंडर करना होगा.

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23 साल जेल में बिता चुका है

सुनवाई के दौरान अदालत ने नोट किया कि विकास यादव लगभग 23 वर्ष जेल में बिता चुका है. उन्होंने फरलो की मांग इस आधार पर की थी कि वे होली के दौरान परिवार के साथ समय बिताना चाहते हैं. पीठ ने कहा, 'मामले के गुण-दोष में जाए बिना हम याचिकाकर्ता को 7 मार्च तक फरलो पर रिहा करने की अनुमति देते हैं.'

सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से फरलो का विरोध किया गया, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया. जस्टिस सुंदरश ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसी राहत कभी-कभी दोषी के सुधार में सहायक हो सकती है.

हाईकोर्ट ने खारिज की थी याचिका

इससे पहले 11 फरवरी को दिल्ली हाईकोर्ट ने विकास यादव की 21 दिन की फरलो याचिका खारिज कर दी थी. हाईकोर्ट ने कहा था कि वह गंभीर अपराध में दोषी हैं और दिल्ली जेल नियम, 2018 के तहत वैधानिक रूप से फरलो के पात्र नहीं हैं. जेल प्रशासन ने 29 अक्टूबर 2025 को उनकी फरलो अर्जी खारिज कर दी थी, जिसके खिलाफ उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया था. हाईकोर्ट ने जेल प्रशासन के फैसले में कोई मनमानी या संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं पाया था.

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क्या है फरलो?

फरलो सजा की माफी या निलंबन नहीं होती, बल्कि यह लंबी सजा काट रहे कैदियों को अस्थायी रूप से रिहा करने की व्यवस्था है. इसका उद्देश्य कैदी को परिवार और समाज से जुड़े रहने का अवसर देना और उसके सुधार की प्रक्रिया को प्रोत्साहित करना होता है.

क्या था मामला?

नीतीश कटारा की 16-17 फरवरी 2002 की रात एक शादी समारोह से अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी. जांच में सामने आया कि उनका कथित प्रेम संबंध भारती यादव से था, जिसका विरोध विकास यादव और उनके चचेरे भाई विशाल यादव कर रहे थे. 3 अक्टूबर 2016 को सुप्रीम कोर्ट ने विकास यादव और विशाल यादव को 25 वर्ष की सजा (बिना किसी रियायत के) सुनाई थी, जबकि सह-दोषी सुखदेव यादव को 20 वर्ष की सजा दी गई थी. विकास यादव उत्तर प्रदेश के राजनेता डीपी यादव का बेटा है. 

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