MHA का साइबर ठगों पर एक्शन, डिजिटल अरेस्ट के मामले घटे... अब बुजुर्गों को शिकार बना रहे हैं ठग

गृह मंत्रालय ने सीनियर सिटीजन के लिए एडवाइजरी जारी की है. I4C ने बताया कि साल 2024 के मुकाबले 2025 में डिजिटल अरेस्ट के मामलों में गिरावट दर्ज की गई है. सुरक्षा एजेंसियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए पिछले साल ठगी के 7130 करोड़ रुपये बचाए हैं. I4C ने ये भी बताया कि अब साइबर ठग बुजुर्गों को अपना शिकार बना रहे हैं.

Advertisement
2025 में घटे डिजिटल अरेस्ट के मामले. (File Photo: ITG) 2025 में घटे डिजिटल अरेस्ट के मामले. (File Photo: ITG)

जितेंद्र बहादुर सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 13 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 5:32 PM IST

गृह मंत्रालय (MHA) के इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने साइबर ठगों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं. 2024 की तुलना में 2025 में डिजिटल अरेस्ट के मामलों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन बुजुर्गों (सीनियर सिटीजन) के साथ साइबर ठगी के मामले बढ़े हैं. इसको लेकर MHA ने विशेष एडवाइजरी जारी की है, जिसमें बुजुर्गों को सतर्क रहने और फ्रॉड से बचने के उपाय बताए गए हैं.

Advertisement

I4C के आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2024 में डिजिटल अरेस्ट के 12,836 मामले सामने आए थे, जिनमें ठगी की राशि 184 करोड़ रुपये थी. वहीं, अक्टूबर 2025 तक ये आंकड़ा घटकर 2,653 मामलों पर आ गया और ठगी की रकम मात्र 78 करोड़ रुपये रह गई है. ये कमी सरकार की सख्त कार्रवाई, जागरूकता अभियान और त्वरित रिपोर्टिंग सिस्टम का नतीजा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अक्टूबर 2024 में 'मन की बात' में डिजिटल अरेस्ट का जिक्र कर लोगों से सतर्क रहने की अपील की थी.

डिजिटल अरेस्ट के मामलों में गिरावट

MHA I4C विंग से मिली जानकारी के मुताबिक, देश भर में डिजिटल अरेस्ट के मामलों में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई है. लेकिन अब साइबर ठग फर्जी पुलिस, CBI या अन्य अधिकारी बन कर सीनियर सिटीजन को अपना शिकार बना रहे हैं और उनकी जमा-पूंजी लूट लेते हैं.

Advertisement

इसी को ध्यान में रखते हुए MHA ने बुजुर्गों के लिए विशेष सलाह जारी की है, जिसमें तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करने, किसी भी कॉल पर OTP या बैंक डिटेल्स न देने और संदिग्ध कॉल पर तुरंत हैंग अप करने की अपील की गई है.

23 लाख शिकायतों पर एक्शन

MHA के I4C विंग के सहयोग से अब तक 23 लाख लोगों की शिकायतों पर एक्शन लिया, जिससे 7,130 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि ठगी से बचाई गई. 31 अक्टूबर 2025 तक 11.14 लाख से अधिक SIM कार्ड और 2.96 लाख से अधिक IMEI नंबर ब्लॉक किए जा चुके हैं. साथ ही 32 लाख से ज्यादा म्यूल अकाउंट्स (फ्रॉड में इस्तेमाल होने वाले बैंक खाते) पर कार्रवाई कर उन्हें बंद किया गया है. ये कदम ठगों के नेटवर्क को तोड़ने में मददगार साबित हो रहे हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement