'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में भारत के दो प्रोडक्ट ने दुनिया के लीडर्स को किया प्रभावित', 'मन की बात' में बोले PM मोदी

'मन की बात' में प्रधानमंत्री ने हाल ही में दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित India AI Impact Summit 2026 की सफलता का जिक्र किया. पीएम ने कहा कि ये अब तक की सबसे बड़ी AI सम्मेलन था, जिसमें दुनिया भर के नेता, टेक CEOs, इनोवेटर्स और स्टार्टअप से जुड़े लोग शामिल हुए. ये सम्मेलन AI के भविष्य को आकार देने में एक टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ.

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AI समिट में भारत के प्रोडक्ट की चर्चा. (File photo: ITG) AI समिट में भारत के प्रोडक्ट की चर्चा. (File photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 12:47 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' के जरिए देशवासियों को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने दिल्ली में संपन्न हुई ग्लोबल AI इम्पैक्ट समिट की सफलता, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारतीय मूल के खिलाड़ियों के बढ़ते दबदबे और केरल की नन्ही आलिन शेरिन द्वारा किए गए महान अंगदान की चर्चा की.

प्रधानमंत्री ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित India AI Impact Summit 2026 की सफलता का जिक्र किया. पीएम ने कहा, 'मन की बात' देश और देशवासियों की उपलब्धियों को सामने लाने का एक मजबूत प्लेटफॉर्म है. देश ने ऐसी ही उपलब्धि, अभी दिल्ली में हुई ग्लोबल Al इंपैक्ट समिट के दौरान देखी. कई देशों के नेता, उद्योग जगत के लीडर, इनोवेटर्स और स्टर्ट-अप सेक्टर से जुड़े लोग, Al इंपैक्ट समिट के लिए भारत मंडपम में एकत्र हुए. आने वाले समय में AI की शक्ति का इस्तेमाल दुनिया किस प्रकार करेगी, इस दिशा में ये समिट एक टर्निंग प्वाइंट साबित हुई है.

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इन प्रोडक्ट ने किया दुनिया को प्रभावित

पीएम ने कहा, 'साथियो, समिट में मुझे वर्ल्ड लीडर्स और टेक CEOs से मिलने का भी अवसर मिला. AI समिट की एक्जिबिशन में मैंने वर्ल्ड लीडर्स को ढ़ेर सारी चीजें दिखाई. मैं दो बातों का विशेष रूप से उल्लेख करना चाहता हूं. समिट में इन दो प्रोडक्ट ने दुनिया भर के लीडर्स को बहुत प्रभावित किया. पहला प्रोडक्ट अमूल के बूथ पर था. इसमें बताया गया कि कैसे AI जानवरों का इलाज करने में हमारी मदद कर रही है और कैसे 24x7 Al assistance की मदद से किसान अपनी डेयरी और जानवर का हिसाब रखते हैं.

AI से सुरक्षित हो रही हमारी संस्कृति

साथियो, दूसरा product हमारी संस्कृति से संबंधित था. दुनिया भर के लीडर्स ये देखकर हैरत में पड़ गए कि कैसे AI की मदद से हम हमारे प्राचीन ग्रंथों को, हमारे प्राचीन ज्ञान को, हमारी पांडुलिपियों को संरक्षित कर रहे हैं, आज की generation के अनुरूप ढ़ाल रहे हैं.

एक्जिबिशन में विशेष रूप से सुश्रुत संहिता का प्रदर्शन किया गया. पहले चरण में तकनीक से पांडुलिपियों की इमेज क्वालिटी सुधारकर पढ़ने लायक बनाई गई, फिर दूसरे चरण में इसे मशीन-रीडेबल टेक्स्ट में बदला गया. सम्मेलन में भारत ने तीन Made in India AI मॉडल भी लॉन्च किए. युवाओं का जोश और उत्साह देखते ही बन रहा था. प्रधानमंत्री ने सभी देशवासियों को इस सफलता की बधाई दी.

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भारतीय खिलाड़ियों का डंका

पीएम मोदी ने टी-20 वर्ल्ड कप का जिक्र करते हुए कहा कि आज कई देशों की जर्सी पहनकर भारतीय मूल के खिलाड़ी मैदान में चमक रहे हैं. कनाडा की टीम के कप्तान दिलप्रीत बाजवा और नवनीत धालीवाल जैसे नाम भारत का गौरव बढ़ा रहे हैं. वहीं, अमेरिकी टीम के कप्तान मोनांक पटेल गुजरात की घरेलू क्रिकेट टीम का हिस्सा रह चुके हैं. ओमान, न्यूजीलैंड, यूएई और इटली जैसी टीमों में भी भारतीय मूल के खिलाड़ी अपनी कर्मभूमि के विकास में योगदान दे रहे हैं जो हर भारतीय के लिए खुशी की बात है.

पीएम ने ये भी कहा कि ऐसे कितने ही भारतीय मूल के खिलाड़ी हैं जो अपने देश का गौरव बढ़ा रहे हैं. वहां के युवाओं के लिये प्रेरणा बन रहे हैं. भारतीयता की यही तो विशेषता है, भारतीय जहां भी जाते हैं अपनी मातृभूमि की जड़ों से जुड़े रहते हैं और अपनी कर्मभूमि यानी जिस देश में रहते हैं उसके विकास में भी सहयोग करते हैं.

ऑर्गन डोनर की मिसाल

भावुक होते हुए प्रधानमंत्री ने केरल की 10 महीने की मासूम आलिन शेरिन अब्राहम का जिक्र करते हुए कहा, 'मेरे प्यारे देशवासियो, किसी भी माता-पिता के लिए अपने बच्चे को खोने से बड़ा दुःख कुछ और हो ही नहीं सकता. छोटे से बच्चे को खोने का दुख तो और भी गहरा होता है. कुछ ही दिन पहले हमने केरल की एक नन्ही मासूम आलिन शेरिन अब्राहम को खो दिया है. महज 10 महीनों में वो इस दुनिया से चली गई. कल्पना कीजिए- उसके सामने पूरी जिंदगी थी जो अचानक खत्म हो गई. कितने ही सपने और खुशियां अधूरी रह गई. उसके माता-पिता जिस पीड़ा से गुजर रहे होंगे, उसे शब्दों से व्यक्त नहीं किया जा सकता है.

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पीएम ने आगे कहा कि पर इतने गहरे दर्द के बीच भी आलिन के पिता अरुण अब्राहम और मां शेरिन ने एक ऐसा फैसला लिया, जिससे हर देशवासी का हृदय उनके प्रति सम्मान से भर गया है. उन्होंने आलिन के अंगदान का फैसला किया. इस एक फैसले से पता चलता है कि उनकी सोच कितनी बड़ी है और व्यक्तित्व कितना विशाल है. एक तरफ वह अपनी बच्ची को खोने के शोक में डूबे थे तो वहीं दूसरों की मदद का भाव भी उनमें भरा था. वो चाहते थे कि किसी भी परिवार को ऐसा दिन देखना ना पड़े.

आलिन शेरिन अब्राहम आज हमारे बीच नहीं है, लेकिन उसका नाम देश के कम उम्र की ऑर्गन डोनर्स में जुड़ गया है. साथियो, इन दिनों भारत में organ donation को लेकर जागरूकता लगातार बढ़ रही है. इससे उन लोगों की मदद हो रही है, जिन्हें इसकी जरूरत है. इसके साथ ही देश में मेडिकल रिसर्च को भी बल मिल रहा है. इस दिशा में कई संस्थाएं और लोग असाधारण कार्य कर रहे हैं.

नया कृषि मॉडल

प्रधानमंत्री ने किसानों को धरती का सच्चा साधक बताया है. पीएम ने कहा कि ओडिशा के युवा किसान हिरोद पटेल की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि कैसे उन्होंने पारंपरिक खेती को तकनीक से जोड़कर नया मॉडल तैयार किया है। हिरोद ने अपने खेत के तालाब के ऊपर जालीदार ढांचा बनाकर सब्जियां उगाईं और किनारों पर फलदार पेड़ लगाए, साथ ही तालाब में मछली पालन भी शुरू किया. ये मॉडल जमीन के बेहतर उपयोग और अतिरिक्त आमदनी का बेहतरीन उदाहरण है. पीएम ने कहा कि हमारे किसान अब उत्पादन के साथ-साथ गुणवत्ता और वैल्यू एडिशन पर भी ध्यान दे रहे हैं.

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