पीडीपी (पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी) प्रमुख और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने फिलिस्तीन का समर्थन करते हुए सोशल मीडिया पर फिलिस्तीनी झंडे की तस्वीर पोस्ट की है. पोस्ट में उन्होंने फिलिस्तीनी नारा लिखा है- फ्रॉम द रिवर टू द सी, पैलेस्टाइन विल बी फ्री. महबूबा मुफ्ती का यह पोस्ट ऐसे समय में आया है जब फिलिस्तीनी झंडे वाला हेलमेट पहनने को लेकर कश्मीरी क्रिकेटर फुरकान भट्ट से पुलिस ने पूछताछ की है.
एक्स पर महबूबा मुफ्ती ने फिलिस्तीनी झंडे की तस्वीर के साथ नारा लिखा है, 'From the river to the sea, Palestine will be free. A flag in the wind, bold and free, From the river to the sea.'
महबूबा मुफ्ती के इस पोस्ट को लेकर राजनीतिक हलकों में विवाद खड़ा हो गया है. यह नारा जॉर्डन नदी से लेकर भूमध्य सागर तक एक फिलिस्तीनी राष्ट्र के गठन की बात करता है.
इजरायल और उसके समर्थकों का कहना है कि यह नारा अक्सर इजरायल-विरोधी फिलिस्तीनी समूह इस्तेमाल करते हैं. इस नारे को इजरायल के अस्तित्व को समाप्त करने के आह्वान के रूप में देखा जाता है.
इजरायल पहले भी इस नारे को अपने खिलाफ 'राष्ट्र के विनाश' की मंशा से जुड़ा हुआ बताता रहा है. वहीं, नारे का समर्थन करने वाले इसे फिलिस्तीनियों की आजादी और अधिकारों की मांग के तौर पर देखते हैं.
जम्मू-कश्मीर चैंपियंस लीग के एक मैच के दौरान स्थानीय क्रिकेटर फुरकान भट्ट अपने फिलिस्तीनी झंडे वाला हेलमेट पहने नजर आए. उसी हेलमेट के साथ वो मैदान में उतरे जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया है. इस घटना पर संज्ञान लेते हुए पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया. लीग के आयोजक जाहिद भट्ट से भी इस संबंध में पूछताछ की गई.
वहीं, जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (JKCA) ने इस मामले से खुद को अलग कर लिया है. संगठन ने कहा कि इस टूर्नामेंट से उसका कोई लेना-देना नहीं है.
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