PoK में लश्कर की खौफनाक साजिश, आतंकियों की बड़े पैमाने पर भर्ती... टॉप कमांडर ने डाला डेरा

लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर नसर जावेद पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में नए आतंकी कैंप शुरू करने के लिए बड़े पैमाने पर भर्ती अभियान चला रहा है. खुफिया इनपुट के अनुसार, उसने पिछले 10 दिनों में मीरपुर और कोटली जैसे इलाकों का दौरा कर युवाओं को उकसाने के लिए कई रैलियां और गुप्त बैठकें की हैं.

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पीओके में लश्कर की बड़े पैमाने पर शुरू की आतंकियों की भर्ती. (File Photo: ITG) पीओके में लश्कर की बड़े पैमाने पर शुरू की आतंकियों की भर्ती. (File Photo: ITG)

जितेंद्र बहादुर सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 14 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 4:01 PM IST

आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में नए आतंकी कैंप शुरू करने के लिए बड़े पैमाने पर भर्ती अभियान तेज कर दिया है. बताया जा रहा है कि संगठन का टॉप कमांडर नसर जावेद इस कैंपेन का नेतृत्व कर रहा है  जो पिछले कई महीनों में पीओके के कई इलाकों का दौरा कर चुका है.

खुफिया सूत्रों से मिलने इनपुट के मुताबिक, PoK में जल्द शुरू होने वाले लश्कर ट्रेनिंग कैंप के लिए युवाओं की भर्ती पर खास फोकस है. इसी उद्देश्य से बीते 10 दिनों जावेद ने पीओके के मीरपुर, कोटली और पुंछ के कई इलाकों का दौरा किया है.

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आतंकी ने PoK में की रैलियां

सूत्रों ने बताया कि इस दौरान उसने लश्कर की पीओके यूनिट के साथ 4 से ज्यादा खुली रैलियां की और 10 से ज्यादा बैठकें बंद कमरे में की गईं.

बता दें कि नसर जावेद लश्कर का कोई मामूली सदस्य नहीं है, बल्कि वह आतंकी ट्रेनिंग देने में माहिर माना जाता है. वह साल 2004 से 2015 तक लश्कर के कुख्यात 'दुलई' (Dulai) ट्रेनिंग कैंप का संचालन कर चुका है. अब उसे फिर से पीओके में नई यूनिट तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. उसका मुख्य फोकस पीओके में जल्द शुरू होने वाले नए प्रशिक्षण शिविरों के लिए स्थानीय युवाओं को भर्ती करना और उन्हें भारत के खिलाफ तैयार करना है.

सिंध प्रांत में 50 से ज्यादा रैलियां

लश्कर की ये भर्ती मुहिम केवल पीओके तक सीमित नहीं है. पिछले साल नवंबर 2025 में नसर जावेद और अब्दुल रऊफ ने मिलकर सिंध प्रांत में 50 से ज्यादा रैलियां और गुप्त बैठकें की थीं.

इसके बाद दिसंबर 2025 में जावेद ने खैबर पख्तूनख्वा (KPK) का भी दौरा किया था. इन दौरों का एकमात्र उद्देश्य पाकिस्तान के अलग-अलग इलाकों से आतंकियों की नई फौज खड़ी करना है. लगातार हो रही ये बैठकें लश्कर के खतरनाक इरादों की ओर साफ इशारा कर रही हैं.

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