पैंगोंग सो झील के जमने का नजारा, सैटेलाइट और टाइम-लैप्स तस्वीरों से आया सामने

यूरोपीयन स्पेस एजेंसी की ली गई सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि पैंगोंग झील में पिछले कुछ हफ्तों में पानी कैसे धीरे धीरे जमता गया.

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पैंगोंग सो झील के जमने का नजारा (सोर्स- यूरोपीयन स्पेस एजेंसी/इंडिया टुडे) पैंगोंग सो झील के जमने का नजारा (सोर्स- यूरोपीयन स्पेस एजेंसी/इंडिया टुडे)

अंकित कुमार

  • नई दिल्ली ,
  • 06 जनवरी 2021,
  • अपडेटेड 3:58 PM IST
  • पैंगोंग सो झील के जमने का नजारा
  • सैटेलाइट और टाइम-लैप्स तस्वीरों से आया सामने
  • भारत-चीन की सेनाएं हैं आमने-सामने

नवंबर 2020 से जनवरी 2021 की ताजा सैटेलाइट तस्वीरों और टाइम-लैप्स कम्पाइलेशन से पूर्वी लद्दाख के पैंगोंग सो इलाके के बर्फ से धीरे-धीरे जमने का अनोखा नजारा सामने आ रहा है. पैंगोंग झील दुनिया की सबसे ऊंचाई पर स्थित नमकीन पानी वाली झील है. करीब 4,350 मीटर की ऊंचाई पर स्थित ये झील दो देशों के बीच बंटी हुई है.

वर्तमान में गतिरोध के चलते भारत-चीन के बीच लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) के पास ये इलाका सबसे मुश्किल और सक्रिय तनाव वाला जोन है.  यूरोपीयन स्पेस एजेंसी की ली गई सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि पैंगोंग झील में पिछले कुछ हफ्तों में पानी कैसे धीरे धीरे जमता गया.   

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मई 2020 से भारतीय और चीनी सैनिक झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारों पर गतिरोध में उलझे हैं. पिछले कुछ दिनों से इस इलाके में न्यूनतम तापमान माइनस 10 से माइनस 20 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है. झील का पानी जमने के साथ आसपास के पहाड़ भी बर्फ की मोटी चादर से ढके नजर आ रहे हैं.  

पैंगोंग सो झील करीब 160 किलोमीटर क्षेत्र में फैली हुई है. इसका एक तिहाई भारत में और बाकी क्षेत्र चीन में है. दोनों पक्षों में कई दौर की बातचीत के बाद भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सका है, जिससे सैनिक अपनी पूर्व की स्थिति में नहीं लौट सके हैं. कई जानकार LAC की स्थिति को अर्धस्थाई (सेमी-परमानेंट) मान रहे हैं. गतिरोध पिछले साल गर्मियों में तब शुरू हुआ जब चीनी सैनिकों ने यथास्थिति को बदलने की कोशिश की थी. चीनी सैनिकों ने फिंगर 4 और फिंगर 8 के बीच विवादित क्षेत्र में कैम्प बना दिए थे. 

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भारतीय सेना ने हाल में हाई स्पीड बोट्स के लिए ऑर्डर दिए हैं. इनका इस्तेमाल संभवत: ऊंचाई वाले क्षेत्र में स्थित झीलों या वॉटर बाडीज में गर्मियों में किया जाएगा. फिलहाल भारत-चीन की सेनाओं के बीच बातचीत का दौर जारी है. भारत ने साफ कर दिया है कि एलएसी पर पूर्व की स्थिति को बहाल किया जाए. 

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