LAC पर चीन की खुराफात को भारत का जवाब, जून के बाद पहली बार पैंगोंग नॉर्थ के फिंगर 4 पर कब्जा

जून के बाद पहली बार भारतीय सेना ने फिंगर 4 की रिज लाइन पर कब्जा किया है और अपनी स्थिति मजबूत कर ली है. भारतीय सेना और स्पेशल फ्रंटियर फोर्स (SFF) ने फिंगर 4 की पहाड़ियों की ऊंचाइयों पर कब्जा किया है.

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चीन की हर चाल का जवाब दे रही है भारतीय सेना (फाइल फोटो) चीन की हर चाल का जवाब दे रही है भारतीय सेना (फाइल फोटो)

शिव अरूर

  • नई दिल्ली,
  • 02 सितंबर 2020,
  • अपडेटेड 11:32 PM IST
  • चीन की खुराफात को भारत का कड़ा जवाब
  • पैंगोंग नॉर्थ के फिंगर 4 पर भारत का कब्जा
  • जून के बाद पहली बार भारत ने किया कब्जा

लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर चीन की हर चाल का भारतीय जांबाज करारा जवाब दे रहे हैं. चार दिनों के भीतर तीन बार चीन की ओर से भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश की गई, लेकिन जवानों ने उसकी साजिश को नाकाम कर दिया. चीन की खुराफात का भारतीय जांबाजों ने एक ओर तगड़ा जवाब दिया है. भारतीय सेना ने पैंगोंग नॉर्थ के फिंगर 4 पर कब्जा कर लिया है. 

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जून के बाद पहली बार भारतीय सेना ने फिंगर 4 की रिज लाइन पर कब्जा किया है और अपनी स्थिति मजबूत कर ली है. भारतीय सेना और स्पेशल फ्रंटियर फोर्स (SFF) ने फिंगर 4 की पहाड़ियों की ऊंचाइयों पर कब्जा किया है. बता दें कि पैंगोंग झील के उत्तरी किनारे पर फिंगर 4 हिल एरिया है. यह इलाका चीन की चौकियों के काफी करीब है, जो भारतीय सेना की पोस्ट से सिर्फ कुछ सौ मीटर की दूरी पर है.

वहीं, भारतीय जवान जिस तरह से डटकर सामना कर रहे हैं उससे चीन दबाव में आ गया है. सूत्र बताते हैं कि चीन पूरे मामले में जल्द से जल्द समाधान चाह रहा है. तनाव को कम करने के लिए दोनों ओर से बातचीत भी हो रही है. आज बुधवार को भी ब्रिगेडियर स्तर की एक और बैठक हुई. हालांकि कोई ठोस नतीजा नहीं निकला. 29-30 अगस्त की रात को चीन की ओर से घुसपैठ की जो कोशिश हुई थी, उसके बाद ब्रिगेड कमांडर लेवल की बातचीत शुरू हुई थी. लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है. 

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पैंगोंग लेक इलाके में चीन की साजिश हुई थी नाकाम

29-30 अगस्त को चीन ने लद्दाख के पैंगोंग लेक इलाके में घुसपैठ की कोशिश की थी, जिसे भारतीय जवानों ने नाकाम कर दिया. दरअसल भारतीय सेना को 29 अगस्त की रात एलएसी की तरफ पैंगोंग लेक के दक्षिणी किनारे पर कुछ संदिग्ध गतिविधियों का पता चला. यह चीनी सैनिकों का काफिला था जिसमें कई जीप और एसयूवी शामिल थे. इस इलाके में पहले से तैनात भारतीय सेना के जवानों ने तुरंत सक्रियता दिखाई और तेजी से पहाड़ी पर चढ़कर अपना मोर्चा संभाल लिया.


 

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