केरल के अलप्पुझा मेडिकल कॉलेज में साल 2021 में हुई एक सर्जरी के बाद बड़ा लापरवाही का मामला सामने आया है. 51 साल की उषा जोसेफ के पेट में आर्टरी फोर्सेप्स (सर्जिकल उपकरण) मिलने के बाद पुलिस ने रिटायर्ड डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज किया है.
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने बताया कि पन्नप्रा निवासी उषा जोसेफ ने मई 2021 में गर्भाशय में फाइब्रॉइड (गांठ) हटाने के लिए मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन कराया था. उस समय डॉक्टर ललितांबिका स्त्री रोग विभाग की प्रमुख थीं. हाल ही में महिला को लगातार पेट दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद जांच में उनके पेट के अंदर सर्जिकल उपकरण मौजूद होने का खुलासा हुआ.
चार साल बाद सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई
शनिवार को उषा जोसेफ का ऑपरेशन अमृता अस्पताल में किया गया, जहां डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक उपकरण को निकाल दिया. अस्पताल की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सर्जरी के दौरान सरकारी मेडिकल कॉलेज के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉक्टर गणेश मोहन और सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉक्टर अब्दुल सियाद ए के भी मौजूद थे. ऑपरेशन के बाद महिला की हालत संतोषजनक बताई जा रही है.
रिटायर्ड डॉक्टर पर BNS की धाराओं में मामला दर्ज
अंबालापुझा पुलिस ने शुक्रवार रात रिटायर्ड डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज किया. यह केस भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125 (जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाला कृत्य) और धारा 125(ए) (लापरवाही से चोट पहुंचाना) के तहत दर्ज किया गया है.
हालांकि स्वास्थ्य शिक्षा विभाग ने पहले सर्जरी करने वाली डॉक्टर शाहिदा को निलंबित किया था, लेकिन पुलिस ने प्राप्त शिकायत के आधार पर डॉक्टर ललितांबिका के खिलाफ केस दर्ज किया है. अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान अन्य आरोपियों को भी शामिल किया जा सकता है.
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