कर्नाटक में सिविक एमेनिटीज (सीए) साइट्स के आवंटन को लेकर BJP और कांग्रेस फिर से आमने-सामने आ गई हैं. बीजेपी ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस सरकार ने राज्य के विभिन्न शहरों और कस्बों में पार्टी कार्यालयों के लिए सीए साइट्स को लीज या आवंटित किया है तो डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी ने अपने शासनकाल में अपने ट्रस्टों को सैकड़ों सीए साइट्स आवंटित की हैं.
दरअसल, विधान परिषद में नेता विपक्ष चलवादी नारायणस्वामी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि नगर प्रशासन एवं शहरी विकास विभाग द्वारा 24 सीए साइट्स को गाइडेंस वैल्यू पर 5% छूट देकर कांग्रेस भवन ट्रस्ट को आवंटित किया गया है.
'करोड़ों हैं साइट्स की कीमत'
उन्होंने कहा कि इन साइट्स की कीमत करोड़ों में है, लेकिन कांग्रेस ने इन्हें बहुत कम कीमत पर हासिल किया है. उन्होंने इसे नियमों का उल्लंघन बताते हुए कहा कि सीए साइट्स सार्वजनिक सुविधाओं और कल्याण कार्यों के लिए होती हैं, न कि राजनीतिक पार्टी कार्यालयों के लिए. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार इन आवंटनों को वापस नहीं लेती तो बीजेपी विरोध प्रदर्शन करेगी.
डीके शिवकुमार का पलटवार
वहीं, बीजेपी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि बीजेपी ने अपने शासनकाल में अपने ट्रस्टों को सैकड़ों सीए साइट्स आवंटित की हैं. कांग्रेस ने ये भी स्पष्ट किया कि वर्तमान में जेडीएस (JDS) और बीजेपी के कई दफ्तर उन्हीं सीए साइट्स पर बने हैं जो सरकार द्वारा दी गई थीं.
शिवकुमार ने कहा कि बीजेपी को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपने रिकॉर्ड देखने चाहिए.
डिप्टी सीएम ने बीजेपी पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि बीजेपी ने बीएस येदियुरप्पा और बसवराज बोम्मई के कार्यकाल के दौरान संघ से जुड़े कई संगठनों को सीए साइट्स आवंटित की गई थीं.
सगाय राज