कांग्रेस महासचिव और केरल से सांसद केसी वेणुगोपाल ने शुक्रवार को चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में चुनाव आयोग पर कांग्रेस ने भरोसा खो दिया है. उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा की चुनावी जीत में चुनाव आयोग की भी अहम भूमिका रही है. केसी वेणुगोपाल नई दिल्ली में आयोजित इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में शिरकत करने पहुंचे थे. इस दौरान एक खास सेशन 'The Keeper of Congress Core: The High Command’s Power Centre' में यह बातें कहीं.
'कांग्रेस कर रही चुनाव पर आत्ममंथन'
वेणुगोपाल ने कहा कि आज पूरा देश इस बात का इंतजार कर रहा है कि पांच राज्यों के चुनाव की घोषणा कब होगी. उनका आरोप था कि कई बार चुनाव कार्यक्रम भी राजनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तय किए जाते हैं. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनाव एक साथ कराए गए थे. कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी अपनी चुनावी हार का आत्ममंथन कर रही है और विस्तृत विश्लेषण भी किया जा रहा है. लेकिन जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि भाजपा की चुनावी जीत में चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठते हैं.
'चुनाव आयोग पर भरोसा करना मुश्किल'
वेणुगोपाल के मुताबिक कांग्रेस ने कई बार मतदाता सूची में गड़बड़ी और चुनाव प्रक्रिया में विसंगतियों को लेकर शिकायतें दर्ज कराई हैं, लेकिन उन पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला. उन्होंने कहा कि मौजूदा चुनाव आयोग के तहत पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की व्यवस्था पर भरोसा करना मुश्किल होता जा रहा है. यही कारण है कि देश में पहली बार मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग जैसे कदम की चर्चा तक हो रही है.
कांग्रेस नेता का कहना है कि मौजूदा हालात में चुनाव आयोग अब एक निष्पक्ष अंपायर नहीं रह गया है और उस पर पक्षपात के आरोप लग रहे हैं. हालांकि भाजपा लगातार कांग्रेस पर आरोप लगाती रही है कि पार्टी अपनी चुनावी हार की जिम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय चुनाव आयोग को दोष देती है. पिछले 11 वर्षों में कांग्रेस को अधिकांश चुनावों में हार का सामना करना पड़ा है.
इस आरोप का जवाब देते हुए वेणुगोपाल ने कहा कि यह एक तयशुदा नैरेटिव है जिसे राष्ट्रीय मीडिया भी आगे बढ़ा रहा है. उनका कहना था कि लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका बेहद अहम होती है, लेकिन आज कई राष्ट्रीय चैनलों पर सरकार से जुड़े मुद्दों पर पर्याप्त बहस नहीं होती.
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