अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव जारी है. मिडिल ईस्ट में संकट गहरा गया है. जहां एक ओर दुनियाभर में तेल-गैस की किल्लतों की बातें सामने आने लगी हैं तो वहीं ये संकट अब सीधे रोजगार पर भी असर डालने लगा है. उत्तर प्रदेश से 300 लेबर जो इजरायल जाने वाले थे, उनकी यात्रा पर रोक लग गई है. श्रमिकों को एक लाख प्रतिमाह का वेतन मिलने वाला था. ये रोक अगले 21 मार्च तक लगाई गई है. हालांकि संकट कितना लंबा खिंच सकता है, अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है.
NSDC और विदेश मंत्रालय ने लिया है फैसला
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव को देखते हुए उत्तर प्रदेश के करीब 300 श्रमिकों की इजरायल यात्रा रोक दी गई है. यह फैसला नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NSDC) और विदेश मंत्रालय ने संयुक्त रूप से लिया है. चयनित श्रमिकों को शटरिंग कारपेंटर, आयरन बेंडिंग, प्लास्टरिंग और सिरेमिक टाइलिंग जैसे निर्माण कार्यों के लिए इजरायल जाना था. इजरायल में इन श्रमिकों को करीब एक लाख रुपये प्रतिमाह वेतन मिलने वाला था. अधिकारियों के अनुसार मौजूदा हालात को देखते हुए 21 मार्च तक यात्रा पर रोक लगाई गई है. पहले भी उत्तर प्रदेश से करीब 6000 श्रमिक इजरायल भेजे जा चुके हैं.
कई सेक्टर्स पर युद्ध का असर
बता दें कि मिडिल ईस्ट में जारी जंग अब दूसरे हफ्ते में पहुंच गई है. इसका असर अलग-अलग सेक्टर्स पर पड़ने लगा है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बाधित होने पर भारत का होटल व्यवसाय और फूड सेक्टर सीधे-सीधे प्रभावित हुआ है. वहीं भारत से करीब तीन हजार किलोमीटर दूर ईरान में चल रही जंग अब भारत के किचन सिस्टम पर भी असर डाल रही है. इसका असर उन होटलों और रेस्टोरेंट में भी महसूस किया जा रहा है, जो कमर्शियल LPG सिलेंडर पर बहुत ज़्यादा निर्भर हैं. ईरान जंग और होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से LPG कुकिंग गैस की कमी हो गई है. होर्मुज स्ट्रेट दुनिया भर में एनर्जी का एक बड़ा ज़रिया है.
आशीष श्रीवास्तव