राहुल गांधी से वियतनाम में हुई ट्रैवल व्लॉगर की मुलाकात, सोशल मीडिया पर पोस्ट किए फोटो-वीडियो

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की वियतनाम यात्रा को लेकर बीजेपी ने तीखा हमला बोला है. बीजेपी ने कहा है कि राहुल गांधी हमेशा छुट्टी के मूड में रहते हैं और अहम राष्ट्रीय मुद्दों के समय विदेश चले जाते हैं.

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वियतनाम के हनोई एयरपोर्ट पर भारतीय ट्रैवल व्लॉगर दक्ष की मुलाकात राहुल गांधी से हुई. (Photo: X/@Daksh_k1) वियतनाम के हनोई एयरपोर्ट पर भारतीय ट्रैवल व्लॉगर दक्ष की मुलाकात राहुल गांधी से हुई. (Photo: X/@Daksh_k1)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 13 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:28 AM IST

वियतनाम के हनोई एयरपोर्ट पर ट्रैवल व्लॉगर दक्ष अपने अगले पड़ाव के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट का इंतजार कर रहे थे, तभी उनकी नजर राहुल गांधी पर पड़ी. दक्ष एयरपोर्ट पर न सिर्फ राहुल गांधी के साथ एक ही लाउंज में मौजूद थे, बल्कि दोनों एक ही फ्लाइट से सफर कर रहे थे. इस अप्रत्याशित मुलाकात से हैरान दक्ष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तस्वीरें और एक छोटा वीडियो साझा किया, जिसमें बैकग्राउंड में राहुल गांधी नजर आ रहे हैं और दोनों एयरपोर्ट पर साथ चलते दिखते हैं.

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दक्ष ने बताया कि राहुल गांधी ने उनसे संक्षिप्त और बेहद सहज बातचीत की और उनकी टोपी की तारीफ करते हुए कहा कि यह उन पर अच्छी लग रही है. हालांकि, राहुल गांधी या कांग्रेस की ओर से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष की वियतनाम यात्रा को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. इस बीच भारतीय जनता पार्टी ने राहुल गांधी की वियतनाम यात्रा को लेकर एक बार फिर उन पर तीखा हमला बोला है. बीजेपी ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए उन्हें ‘Leader of Opposition’ नहीं बल्कि ‘Leader of Partying and Tourism’ करार दिया है.

भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि राहुल गांधी एक महीने से भी कम समय पहले जर्मनी में थे, जबकि उस दौरान संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा था और यूपीए सरकार की प्रमुख योजना मनरेगा (MGNREGA) में बदलाव पर चर्चा हो रही थी. बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, 'राहुल गांधी स्थायी रूप से वेकेशन मोड में रहते हैं. दो छुट्टियों के बीच कुछ दिनों के लिए भारत आते हैं, जंगल सफारी करते हैं और फिर विदेश चले जाते हैं. चुनाव हारने के बाद वह चुनाव आयोग को दोष देते हैं. यह दिखाता है कि राहुल गांधी गंभीर नहीं बल्कि अपरिपक्व नेता हैं, इसलिए उनके सहयोगी दल भी उनसे नाराज हैं.'

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पूनावाला ने दावा किया कि कांग्रेस के सहयोगी दलों में भी राहुल गांधी को लेकर असंतोष है. उन्होंने कहा कि सीपीआईएम के जॉन ब्रिटास, समाजवादी पार्टी के आईपी सिंह और यहां तक कि कुछ कांग्रेस नेताओं द्वारा भी ‘राहुल हटाओ, प्रियंका लाओ’ जैसे बयान दिए जा रहे हैं. इससे पहले भाजपा ने 3 जनवरी को राहुल गांधी के वियतनाम दौरे पर जाने का दावा किया था. बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा था कि राहुल गांधी विदेश जाकर भारत के खिलाफ जहर उगलने का काम करते हैं. इस दौरान त्रिवेदी ने सवाल उठाया था कि जब कांग्रेस शासित राज्यों में भी राहुल गांधी को औपचारिक तौर पर बुलावा नहीं मिलता, तो विदेशों में उन्हें कौन और क्यों आमंत्रित करता है.

उन्होंने कांग्रेस से मांग की थी कि यह साफ किया जाए कि राहुल गांधी को विदेशों में कौन लोग और किन मकसदों से आमंत्रित करते हैं. इससे पहले राहुल गांधी प्रोग्रेसिव अलायंस के आमंत्रण पर तीन दिन के दौरे पर 17 दिसंबर, 2025 को जर्मनी पहुंचे थे. उन्होंने 18 दिसंबर, को जर्मनी में बीजेपी पर भारतीय संविधान को नष्ट करने की साजिश रचने का आरोप लगाया था. राहुल ने कहा था, 'बीजेपी संविधान की उस मूल भावना को खत्म करना चाहती है, जो सभी नागरिकों को समान अधिकार देती है.' 

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