भारत की बड़ी कामयाबी, होर्मुज से सुरक्षित निकला LPG टैंकर MV सनशाइन, नौसेना ने दिया सुरक्षा कवर

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारतीय नौसेना और अन्य एजेंसियां अलर्ट पर हैं. भारत आ रहे एलपीजी टैंकर 'MV सनशाइन' को हॉर्मुज जलडमरूमध्य से सफलतापूर्वक निकाल लिया गया है. ये फारस की खाड़ी से सुरक्षित निकाला गया 15वां भारतीय एलपीजी जहाज है.

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भारत के एक और एलपीजी टैंकर ने पार किया होर्मुज. (Photo: PTI) भारत के एक और एलपीजी टैंकर ने पार किया होर्मुज. (Photo: PTI)

प्रणय उपाध्याय

  • नई दिल्ली,
  • 14 मई 2026,
  • अपडेटेड 9:08 AM IST

भारतीय नौसेना और कई सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर एलपीजी टैंकर MV सनशाइन को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित बाहर निकाल लिया है. ये जहाज फारस की खाड़ी से भारत की ओर आ रहा है और इसे सुरक्षित मार्ग प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक सहायता दी जा रही है. सूत्रों के अनुसार, ये 15वां एलपीजी जहाज है, जिसे पिछले कुछ वक्त में फारस की खाड़ी से सफलतापूर्वक निकाला गया है. इस बीच ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने शांति बहाली पर होर्मुज क्षेत्र में सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ने की बात कही है और भारत के निष्पक्ष दृष्टिकोण की सराहना करते हुए ईरान ने नई दिल्ली की किसी भी शांति पहल का स्वागत करने की इच्छा जताई है.

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सूत्रों ने बताया कि भारत आ रहे 15 एलपीजी टैंकरों में से 14 टैंकर पहले ही क्रॉसिंग प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं. जबकि 15वें का क्रॉसिंग प्रक्रिया चल रही थी. भारतीय नौसेना समेत कई एजेंसियों के समन्वय से ये जहाज सुरक्षित रूप से भारत की ओर बढ़ रहा है.

ब्रिक्स (BRICS) विदेश मंत्रियों की बैठक से पहले ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने नई दिल्ली में पत्रकारों से बात की. इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत हमेशा शांति का पक्षधर रहा है और ईरान पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के लिए भारत की किसी भी कूटनीतिक पहल का स्वागत करेगा. 

उन्होंने अमेरिका पर गंभीर कूटनीति न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि शांति स्थापित होने पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की स्थिति पहले से कहीं बेहतर और सुरक्षित होगी.

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गरीबाबादी ने भारत और ईरान के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों पर जोर देते हुए इन्हें "एक संस्कृति वाले दो राष्ट्र" बताया. उन्होंने कहा कि दोनों देशों को अपनी साझी विरासत पर गर्व है और लोगों के बीच आपसी संपर्क (पीपल-टू-पीपल कांटेक्ट) को ईरान बहुत महत्व देता है. ईरानी मंत्री ने स्पष्ट किया कि शांति स्थापित होने के बाद समुद्री व्यापारिक मार्ग अधिक पारदर्शी होंगे और किसी भी अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन नहीं किया जाएगा.

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