भारतीय सेना ने क्वाड भागीदारों के साथ शुरू किया हाई एल्टीट्यूड युद्धाभ्यास, चीन-पाकिस्तान की बढ़ेगी टेंशन

भारतीय सेना क्वाड भागीदारों के साथ दो बड़े सैन्य अभ्यास करने जा रही है. जापान के साथ 'धर्म गार्जियन' और अमेरिका के साथ 'वज्र प्रहार' युद्धाभ्यास के जरिए सेना उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में आतंकवाद विरोधी क्षमताओं को धार देगी. ये अभ्यास ऐसे समय में हो रहे हैं जब क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियां बढ़ रही हैं.

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जापान और अमेरिकी सेना के साथ भारतीय सेना ने शुरू किया युद्धाभ्यास. (Photo:ITG) जापान और अमेरिकी सेना के साथ भारतीय सेना ने शुरू किया युद्धाभ्यास. (Photo:ITG)

शिवानी शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 23 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:46 PM IST

भारतीय सेना ने क्वाड (भारत, जापान, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया) के प्रमुख भागीदारों जापान और अमेरिका के साथ दो बड़े हाई एल्टीट्यूड वाले सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया है. ये युद्धाभ्यास क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों, विशेष रूप से चीन की बढ़ती आक्रामकता के खिलाफ तैयारियों को मजबूत करने और सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं.

'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद आयोजित इन युद्धाभ्यासों का मुख्य उद्देश्य उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आतंकवाद विरोधी अभियानों और शहरी युद्ध कौशल को मजबूत करना है. भारत और जापान के बीच 'धर्म गार्जियन' का 7वां संस्करण चौबटिया में आयोजित होगा, जबकि अमेरिका के साथ 'वज्र प्रहार' बकलोह के चुनौतीपूर्ण पहाड़ी इलाकों में चलेगा. ये अभ्यास क्वाड देशों के बीच बेहतर सैन्य समन्वय और रणनीतिक तैयारियों को परखने के लिए किए जा रहे हैं.

धर्म गार्जियन 2026

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भारत और जापानी सेना के बीच 'धर्म गार्जियन 2026' अभ्यास 24 फरवरी से 9 मार्च तक चलेगा. दो हफ्ते के इस प्रशिक्षण में अस्थायी बेस बनाना, इंटेलिजेंस और निगरानी ग्रिड तैयार करना, मोबाइल चेक पोस्ट की तैनाती और हेलीबोर्न मिशन जैसे जटिल मॉड्यूल शामिल हैं.

रक्षा अधिकारियों के अनुसार, ये अभ्यास शहरी क्षेत्रों में हस्तक्षेप और करीबी लड़ाई (close-quarter battle) की तकनीकों पर केंद्रित होगा. ये साझा सुरक्षा चिंताओं के बीच भारत और जापान के रक्षा सहयोग के विस्तार को दिखाता है.

भारतीय सेना और जापान ग्राउंड सेल्फ-डिफेंस फोर्स के जवान उच्च ऊंचाई वाले इलाकों में प्रशिक्षण लेंगे. अभ्यास का मुख्य फोकस शहरी युद्ध (urban warfare), काउंटर-टेररिज्म और संयुक्त ऑपरेशनल प्लानिंग पर होगा.

वज्र प्रहार

भारतीय सेना और अमेरिकी सेना के बीच 23 फरवरी से 'वज्र प्रहार' युद्धाभ्यास शुरू हो रहा है. ये विशेष रूप से स्पेशल फोर्सेज पर केंद्रित अभ्यास है जो पहाड़ी और जटिल परिचालन वातावरण में संयुक्त अभियानों के कौशल को निखारने के लिए बनाया गया है. 15 मार्च तक चलने वाला ये प्रशिक्षण सामरिक समन्वय और तत्परता (combat readiness) का परीक्षण करेगा. ये युद्धाभ्यास हिंद महासागर और एलएसी (LAC) पर चीन की बढ़ती गतिविधियों के बीच भारत की मजबूत सैन्य तैयारियों का संदेश देगा.

बता दें कि क्वाड समूह भारत के लिए महत्वपूर्ण रणनीतिक गठबंधन है, जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों- खासकर भारतीय महासागर क्षेत्र, LAC पर और अरुणाचल प्रदेश को लेकर उसके दावों का मुकाबला करने में मदद करता है. भारतीय सेना आधुनिक बहु-क्षेत्रीय खतरों के लिए प्रशिक्षित है और विश्वसनीय क्वाड भागीदारों के साथ सैन्य सहयोग को गहरा कर रही है, ताकि क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित हो सके.

इसी बीच पाकिस्तान ने अरब सागर क्षेत्र में 24-25 फरवरी 2026 को नौसैनिक फायरिंग एक्सरसाइज (संभावित मिसाइल टेस्ट) की अधिसूचना जारी की है.

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