भारत-US के बीच 'विन-विन' डील, चीन की घेराबंदी के लिए 'पैक्स सिलिका' में शामिल हुआ भारत

अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने कहा है कि भारत पैक्स सिलिका घोषणापत्र पर हस्ताक्षर करने वाला 10वां देश बन गया है. माना जा रहा है कि इससे अहम खनिजों की प्रोसेसिंग क्षमता और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में साझेदारी के ज़रिए अमेरिका-भारत के आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा हितों को मजबूती मिलेगी.

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सर्जियो गोर ने कहा- मेरा लक्ष्य अमेरिका-भारत संबंधों को 21वीं सदी की सबसे अहम रणनीतिक साझेदारी बनाना है. (Photo: PTI) सर्जियो गोर ने कहा- मेरा लक्ष्य अमेरिका-भारत संबंधों को 21वीं सदी की सबसे अहम रणनीतिक साझेदारी बनाना है. (Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 29 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 11:47 PM IST

अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरतें, ऊर्जा, उन्नत मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में अमेरिकी विशेषज्ञता के साथ पूरी तरह मेल खाती हैं. ऐसे में दोनों देशों के बीच रणनीतिक आर्थिक साझेदारी का विस्तार ‘विन-विन’ साबित हो सकता है.

अमेरिकी राजदूत ने बताया कि दोनों देश सेमीकंडक्टर और अहम खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) की मजबूत सप्लाई चेन बनाने को प्राथमिकता दे रहे हैं, इसके साथ ही सर्जियो गोर ने चीन से प्रतिस्पर्धा के बीच इन नेटवर्क को सुरक्षित करने के उद्देश्य से अमेरिका के नेतृत्व वाली 'पैक्स सिलिका' पहल में भारत के शामिल होने का स्वागत किया.

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एक इंटरव्यू में गोर ने कहा कि अमेरिका दक्षिण और मध्य एशिया में आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में मुख्य भूमिका निभाने की खास स्थिति में है. उन्होंने कहा कि भारत के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौता क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण के लिए एक मजबूत आधार बनेगा.

गोर ने आगे कहा, “मेरा लक्ष्य अमेरिका-भारत संबंधों को 21वीं सदी की सबसे अहम रणनीतिक साझेदारी बनाना है, जो दोनों देशों को ठोस फायदे दे सके."

गोर का ये बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका टैरिफ नीति को लेकर पैदा हुए तनाव के बाद संबंधों को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं.

बिना किसी देश का नाम लिए उन्होंने कहा कि अमेरिका आतंकवाद, कट्टरपंथ और अंतरराष्ट्रीय अपराध से निपटने के लिए अपने साझेदारों के साथ काम कर रहा है, क्योंकि सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि एक-दूसरे से जुड़ी हैं.

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उन्होंने कहा, “भारत एक प्रमुख रक्षा साझेदार है और रक्षा सहयोग हमारे द्विपक्षीय संबंधों की सबसे मजबूत कड़ी है. मलाबार, टाइगर ट्रायम्फ और कोप इंडिया जैसे सैन्य अभ्यासों के जरिए हम दोनों देशों की सेनाओं के बीच तालमेल को और मजबूत कर रहे हैं”

वो आगे कहते हैं कि “हम दोनों क्वाड के सदस्य भी हैं, जो हमारे सुरक्षा हितों को मजबूत और संतुलित बनाए रखता है. कूटनीति, सैन्य अभ्यास और रक्षा सौदे, ये तीनों पहलू हमारे सहयोग को लगातार मजबूत करते हैं.”

गोर ने कहा कि हाल ही में भारत पैक्स सिलिका घोषणापत्र पर हस्ताक्षर करने वाला 10वां देश बन गया है.  जिसका मकसद अहम खनिजों की प्रोसेसिंग क्षमता और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में साझेदारी के ज़रिए अमेरिका-भारत के आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा हितों को मजबूत करना है.

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