'भारत-EU साझेदारी को मजबूती...', रिपब्लिक डे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश

गणतंत्र दिवस 2026 पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूरोपीय संघ के शीर्ष नेताओं की भारत यात्रा को भारत-EU संबंधों की मजबूत नींव बताया. उन्होंने कहा कि एंटोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेन की उपस्थिति भारत-यूरोप के साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और सहयोग के कमिटमेंट को दिखाती है.

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गणतंत्र दिवस पर EU नेताओं की मौजूदगी से भारत-यूरोप रिश्तों को नई मजबूती मिल रही (Photo: PTI) गणतंत्र दिवस पर EU नेताओं की मौजूदगी से भारत-यूरोप रिश्तों को नई मजबूती मिल रही (Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 26 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 5:09 PM IST

गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर भारत की डिप्लोमेटिक सक्रियता एक बार फिर वैश्विक मंच पर उजागर हुई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर साफ़ किया कि यूरोपीय संघ के शीर्ष नेतृत्व की भारत यात्रा भारत-EU संबंधों की मजबूत होती नींव का प्रतीक है.

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि भारत के लिए गर्व की बात है कि गणतंत्र दिवस समारोह में यूरोप के वरिष्ठ नेता जैसे कि यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा और यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेन शामिल हुए. यह उपस्थिति केवल औपचारिक नहीं थी, बल्कि यह भारत और यूरोप के बीच साझा मूल्यों, लोकतांत्रिक आदर्शों तथा सहयोग की कमिटमेंट को दर्शाती है.

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पिछले कुछ सालों में भारत और यूरोपीय संघ के संबंध रणनीतिक साझेदारी में तब्दील हो चुके हैं. व्यापार, निवेश, टेक्नोलॉजी, जलवायु परिवर्तन, डिजिटल इनोवेशन और वैश्विक सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ा है. प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार, EU नेताओं की इस यात्रा से इन क्षेत्रों में संवाद और सहयोग और गहरा होगा.

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विशेषज्ञ मानते हैं कि यूरोपीय नेतृत्व की गणतंत्र दिवस समारोह में उपस्थिति भारत की वैश्विक भूमिका को और मजबूत करती है. यह दर्शाती है कि भारत न केवल एशिया में बल्कि विश्व राजनीति और अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में उभर रहा है. भारत और EU दोनों ही नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, बहुपक्षीयता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रबल समर्थक हैं.

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प्रधानमंत्री मोदी ने संकेत दिया कि भविष्य में भारत-यूरोप संबंध और अधिक मजबूत होंगे. यह दौरा द्विपक्षीय और बहुपक्षीय स्तर पर रिश्तों को नई ऊर्जा देगा और वैश्विक चुनौतियों का सामना करने में दोनों पक्षों को निकट लाएगा.

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