'भारत में घबराने की जरूरत नहीं', क्रूज शिप पर हंता वायरस मामलों के बाद विशेषज्ञों ने साफ की स्थिति

क्रूज शिप पर हंता वायरस मामलों की खबरों के बीच ICMR-NIV और AIIMS के विशेषज्ञों ने कहा है कि भारत में फिलहाल महामारी या बड़े संक्रमण का कोई खतरा नहीं है. विशेषज्ञों के मुताबिक यह वायरस मुख्य रूप से चूहों से फैलता है और इंसानों के बीच इसका फैलाव बेहद दुर्लभ है.

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हंता वायरस पर विशेषज्ञ बोले - भारत में महामारी या बड़े संक्रमण का खतरा बेहद कम (Photo: Representational/ Pixels) हंता वायरस पर विशेषज्ञ बोले - भारत में महामारी या बड़े संक्रमण का खतरा बेहद कम (Photo: Representational/ Pixels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 08 मई 2026,
  • अपडेटेड 7:10 PM IST

एक क्रूज जहाज पर हंतावायरस का संक्रमण मिला है जिसमें 149 यात्री थे और उनमें भारत के दो क्रू सदस्य भी शामिल हैं. इस खबर से लोगों में डर फैल गया कि क्या भारत में भी महामारी आ जाएगी. लेकिन भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद यानी ICMR ने कहा है कि घबराने की कोई बात नहीं है. हंता वायरस चूहों से फैलता है इंसान से इंसान में नहीं. भारत में ये सिर्फ आयातित मामले हैं यानी बाहर से आए हैं. भारत में इसका कोई फैलाव नहीं है. महामारी का कोई खतरा नहीं है.

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ICMR-NIV पुणे के निदेशक डॉ नवीन कुमार ने कहा कि ये कोरोना वायरस जैसा नहीं है. कोरोना वायरस इंसान से इंसान को सांस के जरिए फैलता था. लेकिन हंतावायरस इंसान से इंसान को नहीं फैलता. बस कुछ दक्षिण अमेरिकी वायरस जैसे एंडीज वायरस बहुत ही कम मामलों में इंसान से इंसान को फैलते हैं. लेकिन एशिया और यूरोप में पाए जाने वाले हंता वायरस बिल्कुल इंसान से इंसान को नहीं फैलते.

क्रूज जहाज पर कैसे फैला?

क्रूज जहाज एक बंद जगह है. जहाज में चूहे हो सकते हैं. उन चूहों की खांसी या छींक से वायरस के कण हवा में आ गए. और जहाज में बैठे यात्रियों ने उन कणों को सांस में ले लिया. इसीलिए कुछ लोग संक्रमित हुए.

भारत में क्या खतरा है?

ICMR के निदेशक डॉक्टर नवीन कुमार ने कहा है कि भारत में कोई खतरा नहीं है. पहली बात, भारत के जो दो क्रू सदस्य संक्रमित हैं वो बाहर से आए मामले हैं. इसका मतलब है कि भारत में यह बीमारी अपने आप से नहीं फैल रही.

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दूसरी बात, हंता वायरस को फैलने के लिए चूहों की जरूरत होती है. और चूहों के साथ सीधे संपर्क. घर में बैठा कोई इंसान दूसरे से संक्रमित नहीं हो सकता. तीसरी बात, अगर कोई इंसान संक्रमित भी हो जाए तो लक्षण दिख जाते हैं. फिर डॉक्टर से मिल सकते हैं.

यह भी पढ़ें: अमेरिका में हंता वायरस की एंट्री, घर की सफाई कर रही थी महिला, चूहों के संपर्क में आने से आई चपेट में

भारत तैयार है?

भारत इस बीमारी का पता लगाने के लिए पूरी तरह तैयार है. ICMR-NIV यानी राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान पुणे में हंता वायरस की जांच कर सकते हैं. साथ ही पूरे भारत में 165 वायरल रिसर्च और डायग्नोस्टिक लैबोरेटरीज हैं जहां RT-PCR टेस्ट की सुविधा है. ये टेस्ट से पता चल जाता है कि किसी को हंता वायरस है या नहीं.

लोगों को क्या करना चाहिए?

AIIMS दिल्ली के डॉक्टर पुनीत मिश्रा ने कहा है कि लोगों को कोई घबराहट नहीं होनी चाहिए. ये महामारी नहीं बन सकता. ये एक पुरानी बीमारी है जो चूहों से फैलती है. सामान्य सावधानियां काफी हैं जैसे घर को साफ-सुथरा रखना, चूहों को घर में आने से रोकना, गोदामों में काम करते समय मास्क लगाना.

कोरोना वायरस से अलग क्यों?

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कोरोना वायरस बिल्कुल नया वायरस था और हम नहीं जानते थे कि ये कैसे फैलता है. लेकिन हंता वायरस तो सदियों से है. हम जानते हैं कि ये कैसे फैलता है और इससे बचने का क्या तरीका है. कोरोना वायरस सांस से फैलता था, हंता वायरस चूहों से फैलता है.

इनपुट: ANI

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