'गोवा क्लब के रोजमर्रा के काम नहीं देखते, अग्निकांड से पहले ही थाईलैंड गए', कोर्ट से बोले लूथरा ब्रदर्स

गोवा के अरपोरा इलाके में स्थित नाइटक्लब में शनिवार रात लगी भीषण आग ने 25 लोगों की जान ले ली, जिनमें चार पर्यटक और 21 क्लब कर्मचारी शामिल थे. हादसे के कुछ ही घंटों बाद क्लब के दो मुख्य मालिक सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा भारत से फरार होकर थाईलैंड पहुंच गए.

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नाइट क्लब में आग की घटना के बाद लूथरा ब्रदर्स थाईलैंड भाग गए. (Photo- Instagram) नाइट क्लब में आग की घटना के बाद लूथरा ब्रदर्स थाईलैंड भाग गए. (Photo- Instagram)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 दिसंबर 2025,
  • अपडेटेड 4:13 PM IST

गोवा के अरपोरा स्थित 'बर्च बाय रोमियो लेन' नाइटक्लब में शनिवार रात को लगी आग में 25 लोगों की मौत हुई. इस क्लब के मालिक लूथरा बंधु सौरभ और गौरव लूथरा इस समय थाईलैंड में हैं. कहा जा रहा है कि क्लब में आग लगने के बाद दोनों थाईलैंड भाग गए. इसके बाद उनके खिलाफ इंटरपोल का ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया गया. लूथरा बंधुओं ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने कई आरोप लगाए हैं.

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आज तक के पास लूथरा ब्रदर्स की अग्रिम जमानत याचिका की कॉपी है. लूथरा ब्रदर्स ने आरोप लगाया है कि अधिकारियों द्वारा उनके खिलाफ बदले की भावना से कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने भारत लौटने से इनकार कर दिया है क्योंकि उन्हें गिरफ्तारी का डर है.

अदालत में उनकी ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि याचिकाकर्ता और उनके पार्टनर दिल्ली से काम करते हैं और रोजाना का कामकाज नहीं देखते. रेस्टोरेंट का रोजाना का काम ऑन-ग्राउंड मैनेजर और रेस्टोरेंट मैनेजर संभालते हैं.

लूथरा बंधुओं की ओर से कोर्ट में उनकी पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा और तनवीर अहमद मीर ने कहा कि उनके मुवक्किलों को भारत लौटने पर सुरक्षा चाहिए क्योंकि दिल्ली भारत आते ही गिरफ्तारी की डर है. 

याचिका में लूथरा बंधुओं ने कहा कि वे अक्सर यात्रा करते हैं, कभी-कभी बहुत कम नोटिस पर भी विदेश जाते हैं. 6 दिसंबर को याचिकाकर्ता अपने पेशेवर काम और संभावित रेस्टोरेंट लोकेशन देखने के सिलसिले में एक बिजनेस मीटिंग के लिए थाईलैंड गए थे. कहा गया कि याचिकाकर्ता नियमित रूप से देश के अंदर और बाहर संभावित रेस्टोरेंट साइट्स देखने जाते रहते हैं, कभी-कभी बहुत कम नोटिस पर भी. ऐसा लग रहा है कि उनके खिलाफ बदले की कार्रवाई की जा रही है.

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लूथरा बंधुओं पर आरोप है कि वे सात दिसंबर को क्लब में आग लगने के पांच घंटे के भीतर ही थाईलैंड भाग गए थे. लेकिन सौरभ लूथरा ने अपनी याचिका में कहा है कि वह आग लगने से एक दिन पहले ही बिजनेस मीटिंग के लिए विदेश गए थे.

उनके वकील सिद्धार्थ लूथरा ने कोर्ट को बताया कि छह दिसंबर को याचिकाकर्ता बिजनेस मीटिंग के सिलसिले में थाईलैंड चले गए थे. 

भारत-थाईलैंड के बीच प्रत्यर्पण संधि

भारत और थाईलैंड के बीच 1982 से प्रत्यर्पण व्यवस्था है, जिसे 2013 में एक औपचारिक संधि के रूप में मजबूत किया गया. यह संधि 29 जून 2015 को लागू हुई थी. इस समझौते के तहत दोनों देश एक-दूसरे के नागरिकों को वापस सौंप सकते हैं, फिर चाहे वे किसी भी तरह के अपराध आतंकवाद, आर्थिक अपराध या ट्रांस-नेशनल क्राइम हो. 

इससे पहले भी कई भारतीय अपराधियों को थाईलैंड से डिपोर्ट किया गया है. इनमें 2006 में कोसाराजू वेंकटेश्वर राव, 2009 में गुरप्रीत सिंह भुल्लर और 2015 में जगतार सिंह तारा को थाईलैंड से भारत लाया गया था. 

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