BCCI के पूर्व अध्यक्ष आईएस बिंद्रा का निधन, भारतीय क्रिकेट को ताकतवर बनाने में थी अहम भूमिका

इंद्रजीत सिंह बिंद्रा का नाम भारतीय क्रिकेट प्रशासन के प्रमुख स्तंभों में गिना जाता है. वह 1993 से 1996 तक बीसीसीआई के अध्यक्ष रहे और इस दौरान भारतीय क्रिकेट को मजबूती देने के लिए कई अहम कदम उठाए. उन्होंने मोहाली में विश्वस्तरीय क्रिकेट स्टेडियम बनाने में प्रमुख भूमिका निभाई.

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बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष और क्रिकेट प्रशासक आईएस बिंद्रा का निधन. (File Photo: PTI) बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष और क्रिकेट प्रशासक आईएस बिंद्रा का निधन. (File Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 25 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:22 PM IST

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के पूर्व अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह बिंद्रा का रविवार को 84 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. बिंद्रा काफी समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से ग्रस्त थे, उन्होंने दिल्ली स्थित अपने आवास पर अंतिम सास ली. उनके करीबी दोस्तों ने बताया कि लंच के बाद आज दोपहर बिंद्रा की हालत बिगड़ गई और शाम करीब 6.30 बजे उनका निधन हो गया. अंतिम समय में आई ब्रिंद्रा के बेटे अमर बिंद्रा और बेटी दिल्ली में उनके पास मौजूद थे. उनका अंतिम संस्कार सोमवार दोपहर को लोधी श्मशान घाट पर होगा.

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इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के चेयरमैन जय शाह ने 'X' पर एक पोस्ट के जरिए यह जानकारी साझा की. उन्होंने लिखा, 'पूर्व BCCI अध्यक्ष और भारतीय क्रिकेट प्रशासन के दिग्गज आई एस बिंद्रा के निधन पर मेरी गहरी संवेदनाएं. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे. ओम शांति.' इंद्रजीत सिंह बिंद्रा भारतीय क्रिकेट प्रशासन के एक प्रमुख और प्रभावशाली व्यक्तित्व थे. वह भारत के 7वें राष्ट्रपति रहे ज्ञानी जैल सिंह के स्पेशल सेक्रेटरी के पद से रिटायर हुए और 1993 से 1996 तक बोर्ड भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के 23वें प्रेसिडेंट रहे.

यह मुख्य रूप से आईएस बिंद्रा और जगमोहन डालमिया की वजह से था कि BCCI को इतनी फाइनेंशियल ताकत मिली. आईएस बिंद्रा को, एक और पूर्व BCCI अध्यक्ष जगमोहन डालमिया के साथ मिलकर, भारत को 1987 में वनडे वर्ल्ड कप की मेजबानी दिलाने का श्रेय दिया जाता है. 1975 से शुरू होकर क्रिकेट एडमिनिस्ट्रेशन में उनका चार दशक लंबा करियर रहा, जिसके दौरान उन्होंने इंडियन क्रिकेट टेलीविजन मार्केट को खोलकर BCCI को दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड बनने का रास्ता दिखाया. उनके कार्यकाल को भारतीय क्रिकेट में बड़े और सकारात्मक बदलाव और पेशेवर ढांचे की मजबूती के दौर के रूप में देखा जाता है. वह 1978 से 2014 तक पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (PCA) के प्रेसिडेंट रहे. 

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मोहाली में अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम विकसित कराने में इंद्रजीत सिंह बिंद्रा की अहम भूमिका रही. एक एडमिनिस्ट्रेटर के तौर पर उनकी सेवाओं को सम्मान देने के लिए, 2015 में मोहाली के PCA स्टेडियम का नाम बदलकर आई.एस. बिंद्रा स्टेडियम कर दिया गया. यह स्टेडियम भारत के सबसे आधुनिक क्रिकेट मैदानों में गिना जाता है. बीसीसीआई अध्यक्ष रहते हुए बिंद्रा ने क्रिकेट प्रशासन में पारदर्शिता, संरचनात्मक सुधार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की मजबूत उपस्थिति पर जोर दिया.

उनके कार्यकाल के दौरान भारत ने आईसीसी मंचों पर अपनी स्थिति और प्रभाव को और सुदृढ़ किया. वह आईसीसी (International Cricket Council) से भी जुड़े रहे और वैश्विक क्रिकेट राजनीति में भारत की आवाज को मजबूती दी. क्रिकेट के अलावा, इंद्रजीत सिंह बिंद्रा एक सफल नौकरशाह भी रहे हैं. खेल और नौकरशाही- दोनों क्षेत्रों में उनके योगदान के लिए उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान और पहचान मिली. भारतीय क्रिकेट के बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक विकास में उनका योगदान याद किया जाएगा.

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