बॉर्डर पर महाजाम, प्रदर्शनकारियों के लिए चाय-नाश्ता-लंगर, पढ़ें किसान प्रोटेस्ट पर 10 अपडेट

किसानों का विरोध प्रदर्शन लगातार पांचवें दिन जारी है. दिल्ली और एनसीआर के क्षेत्रों में सड़कों पर किसान डटे हुए हैं और कृषि कानून वापस लेने की मांग कर रहे हैं.

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प्रदर्शनस्थल पर ही किसानों ने किया नाश्ता (फोटो क्रेडिट: अशोक सिंघल) प्रदर्शनस्थल पर ही किसानों ने किया नाश्ता (फोटो क्रेडिट: अशोक सिंघल)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 30 नवंबर 2020,
  • अपडेटेड 11:47 AM IST
  • कृषि कानून पर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी
  • किसानों ने दी दिल्ली के सभी रास्ते बंद करने की चेतावनी

केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानून के खिलाफ किसान सड़कों पर हैं. दिल्ली और आसपास के इलाकों में किसानों ने अपना डेरा जमाया हुआ है और दिल्ली के जंतर मंतर पर जाने की मांग कर रहे हैं. सोमवार को भी किसानों ने अपनी जिद पकड़े रखी और टस से मस नहीं हुए. सोमवार सुबह तक किसानों के प्रदर्शन से जुड़े क्या अपडेट हैं, जानें..

1.    दिल्ली के सिंधु बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर, गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों का धरना जारी है. रातभर किसान सड़कों पर ही मौजूद रहे और सुबह से फिर विरोध शुरू कर दिया.

2.    किसानों के प्रदर्शन के कारण दिल्ली-एनसीआर के कई क्षेत्रों में जाम की स्थिति है. पुलिस की ओर से बॉर्डर पर फिर से सख्ती कर दी गई है और गाड़ियों की जांच की जा रही है. 

3.    दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, टिकरी और सिंधु बॉर्डर पर आज किसी तरह के ट्रैफिक मूवमेंट की मंजूरी नहीं है. जिसके कारण आम लोगों को दिक्कत हो रही है. 

4.    बीते पांच दिनों से सड़कों पर मौजूद किसानों ने सोमवार को प्रदर्शनस्थल पर ही लंगर बनाया. सुबह-सुबह प्रदर्शनकारियों के लिए चाय-नाश्ते का प्रबंध किया गया. पंजाब के सिख प्रदर्शनकारियों ने धरना स्थल पर ही गुरुनानक जयंती मनाई और यहां पर ही अरदास की. 

5.    कोरोना संकट को देखते हुए अब सिंधु बॉर्डर पर ही एक मेडिकल कैंप लगाया गया है. यहां प्रदर्शनकारियों की कोरोना जांच की जा रही है. 

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6.    किसानों की ओर से लगातार मांग की जा रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह खुद ही बातचीत की पहल करें. एमएसपी, मंडियों के मसलों को कानून में शामिल किया जाए.

7.    केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने फिर किसानों के सामने बातचीत का प्रस्ताव रखा है. अमित शाह पहले ही किसानों से किसी भी वक्त बात करने को कह चुके हैं.

8.    सोमवार सुबह केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, प्रकाश जावड़ेकर समेत अन्य मंत्रियों ने कृषि कानून के समर्थन में ट्वीट किया और किसानों के भ्रम को दूर करने की कोशिश की. 

9.    किसानों के मसले पर कांग्रेस पार्टी ऑनलाइन कैंपेन चला रही है. राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं ने ट्वीट कर मोदी सरकार को कृषि कानून वापस लेने को कहा.

10.    कांग्रेस के बाद शिवसेना ने भी मुखर होकर किसानों का साथ दिया है और प्रदर्शनाकारियों को खालिस्तानी बताने वालों पर निशाना साधा है. 

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