निर्वाचन आयुक्तों के चयन में अब कानूनी रोड़ा, सुप्रीम कोर्ट में एडीआर की अर्जी

लोकसभा चुनाव से पहले एक चुनाव आयुक्त ने इस्तीफा दे दिया था लेकिन अब माना जा रहा है कि पीएम मोदी की एक कमेटी उनकी नियुक्ति करेगी. आयोग में आयुक्त के दो पद खाली हैं. इस बीच सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर सरकार द्वारा आयुक्तों की नियुक्ति पर रोक लगाने की मांग की गई है.

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सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 12 मार्च 2024,
  • अपडेटेड 1:01 PM IST

मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति के मामले पर एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स यानी ADR ने सुप्रीम कोर्ट एक याचिका दाखिल की है. ADR के वकील प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट से जल्द सुनवाई की मांग की. जस्टिस संजीव खन्ना ने नियमों के तहत कल सुबह के लिए याचिका को मेंशन करने का निर्देश दिया.

एडीआर ने कोर्ट से सरकार को नए अधिनियम के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त और EC  को नियुक्त करने से सरकार को रोकने की गुहार लगाई है. याचिका में सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के फैसले के अनुसार निर्वाचन आयोग के सदस्य की नियुक्ति के निर्देश देने की भी मांग की गई है.

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नियुक्ति पर 14 मार्च को होगी मीटिंग

मालूम रहे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली तीन सदस्यीय चयन समिति गुरुवार यानी 14 मार्च दोपहर 12 बजे पहली मीटिंग कर रही है. इस मीटिंग में ही निर्वाचन आयोग में दो आयुक्तों के खाली पदों पर भर्ती के लिए आए नामों पर विचार विमर्श कर नियुक्ति के लिए नाम तय किए जाने हैं. इतना ही नहीं इसके बाद आम चुनावों की घोषणा भी इस नियुक्ति के साथ अगले एक दो दिनों में होनी है.

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सुप्रीम कोर्ट ने दिया था बड़ा फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी महीने में अपने एक बड़े फैसले में मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए एक कमेटी का गठन किया था. प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और मुख्य न्यायधीश को कमेटी का हिस्सा बनाया गया. मसलन, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इसी कमेटी द्वारा चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति होनी थी.

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अरुण गोयल के इस्तीफे के बाद पद खाली

याचिका में अरूप बरनवाल फैसले के मुताबिक, चुनाव आयोग के सदस्य की नियुक्ति के निर्देश देने की भी मांग की गई है. यह याचिका चुनाव आयुक्त अरुण गोयल के पिछले सप्ताह लोकसभा चुनाव से पहले अपने पद से इस्तीफा देने के बाद दर्ज की गई है. अरुण गोयल मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) बनने की कतार में थे, क्योंकि मौजूदा राजीव कुमार फरवरी 2025 में रिटायर होने वाले हैं. अरुण गोयल के इस्तीफे के बाद लोकसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग में आयुक्त के दो पद खाली हैं और एकमात्र राजीव कुमार ही आयोग का कार्यभार संभाल रहे हैं.

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