EC ने 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की फाइनल ड्राफ्ट वोटर लिस्ट की जारी, कटे 1.70 करोड़ नाम

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत फाइनल वोटर लिस्ट जारी होने के बाद 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 1.70 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं. गुजरात, राजस्थान, छत्तीसगढ़, केरल सहित कई राज्यों में मतदाता आधार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है.

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चुनाव आयोग ने 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर प्रक्रिया के तहत फाइनल ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की. (File Photo: PTI) चुनाव आयोग ने 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर प्रक्रिया के तहत फाइनल ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की. (File Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:22 AM IST

केंद्रीय चुनाव आयोग द्वारा स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश करने के बाद 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 1.70 करोड़ से अधिक नाम कटे हैं. गुजरात, पुडुचेरी, लक्षद्वीप, राजस्थान, छत्तीसगढ़, अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह, गोवा और केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों द्वारा शनिवार को साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल 27 अक्टूबर से स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन शुरू होने से पहले इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का संयुक्त मतदाता आधार 21.45 करोड़ से अधिक था.

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इस सप्ताह फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश होने के बाद यह संख्या घटकर 19.75 करोड़ रह गई, जिसका मतलब हुआ कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के बाद कुल मिलाकर 1.70 करोड़ से अधिक नाम मतदाता सूची से बाहर हो गए. केंद्रीय चुनाव आयोग की यह प्रक्रिया जो चर्चा के केंद्र में रही, बिहार में पूरी हो चुकी है. वहीं, फिलहाल 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जारी है, जहां लगभग 60 करोड़ मतदाता शामिल हैं. इन राज्यों में एसआईआर प्रक्रिया पूरी होने के बाद बाकी बचे 17 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों में इसे शुरू किया जाएगा, जिसमें करीब 40 करोड़ मतदाता शामिल हैं.

असम में  'स्पेशल रिवीजन' प्रक्रिया पूरी

असम में चुनाव आयोग ने 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' के बजाय 'स्पेशल रिवीजन' प्रक्रिया पूरी की, जो 10 फरवरी को संपन्न हो गई. विभिन्न कारणों से 9 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर के शेड्यूल में बार-बार बदलाव किए गए हैं. बिहार की तरह ही तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में भी राजनीतिक दलों ने इस प्रक्रिया को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में एसआईआर की चार महीने से अधिक चली कवायद के बाद फाइनल वोटर लिस्ट प्रकाशित कर दी गई है.

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यह भी पढ़ें: 'SIR पूरा नहीं हुआ तो चुनाव नहीं करा पाएंगे...', सुप्रीम कोर्ट ने ममता सरकार को चेताया

छत्तीसगढ़ में पिछली मतदाता सूची के मुकाबले एसआईआर के बाद प्रकाशित मतदाता सूची में 24 लाख नाम कट गए हैं, जबकि 2,34,994 नए मतदाता जुड़े हैं. अब छत्तीसगढ़ में कुल 1 करोड़ 87 लाख 30 हज़ार 914 पंजीकृत मतदाता हैं. चुनाव आयोग के अनुसार, एसआईआर ड्राफ्ट सूची पब्लिश होने से पहले राज्य में 2 करोड़ 12 लाख 30 हजार 737 मतदाता थे. मध्य प्रदेश में प्रारंभिक मतदाता सूची के प्रकाशन से पूर्व यानी पिछले साल सितंबर तक राज्य में कुल 5,74,06,143 मतदाता पंजीकृत थे.

राजस्थान में 31.36 लाख नाम कम हुए

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के तहत अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद यह संख्या 5,39,81,065 रह गई है. इस प्रकार मध्य प्रदेश में एसआईआर प्रक्रिया पूरी होने के बाद 34,25,078 नाम मतदाता सूची से कटे हैं. राजस्थान में एसआईआर के बाद फाइनल वोटर लिस्ट में 31.36 लाख नाम कम हुए हैं. एसआईआर की फाइनल वोटर लिस्ट के अनुसार अब प्रदेश में कुल 5 करोड़ 15 लाख 19 हजार 929 मतदाता हैं. वहीं, 27 अक्टूबर 2025 को एसआईआर शुरू होने से पहले मतदाताओं की कुल संख्या 5 करोड़ 46 लाख 56 हजार 215 थी.

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