मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और धमाकों के कारण हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. हमलों का असर हवाई उड़ानों पर भी साफ दिखाई दे रहा है. मिडिल ईस्ट संकट के बाद दुबई से एअर इंडिया की पहली फ्लाइट दिल्ली पहुंची. दुबई में फंसे हुए यात्रियों को लेकर आई फ्लाइट AI916D दिल्ली एयरपोर्ट पर सुबह 10:58 बजे पहुंची. इस VT-EDC विमान में कुल 149 यात्री सवार थे.
वहीं, भारत से दुबई जाने वाली Emirates की 4 में से 3 उड़ानों को टेकऑफ के बाद वापस लौटना पड़ा. EK 501 (मुंबई–दुबई) फ्लाइट ने 3 मार्च को दो बार रास्ता बदलने के बाद आखिरकार दुबई में लैंडिंग की. अन्य 3 उड़ानों को अपने-अपने बेस पर वापस आना पड़ा.
दिल्ली से दुबई जाने वाली EK 513 ने सुबह 4:35 बजे इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी, लेकिन टेकऑफ के कुछ समय बाद ही उसे दिल्ली वापस डायवर्ट कर दिया गया.
इसी तरह बेंगलुरु–दुबई EK 569 को भी उड़ान भरने के बाद बेंगलुरु लौटना पड़ा. चेन्नई–दुबई EK 543 को भी टेकऑफ के बाद चेन्नई वापस आना पड़ा. इस बीच, ड्रोन हमलों की खबरों के चलते रियाद जाने वाली कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को भी एहतियातन वापस मोड़ा गया.
कनाडा की उड़ानों पर भी असर
मिडिल ईस्ट की सैन्य स्थिति को देखते हुए, कनाडा से इजरायल और दुबई के लिए फ्लाइट्स 22 मार्च तक रद्द कर दी गई हैं. सेवाएं 23 मार्च से फिर शुरू की जाएंगी. एअर कनाडा ने जानकारी दी है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और उसी अनुसार आगे बदलाव किए जाएंगे.
अमित भारद्वाज / रोहित शर्मा