चंडीगढ़ नगर निगम के मेयर चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने बड़ी जीत हासिल की है. बीजेपी के पार्षद सौरभ जोशी को चंडीगढ़ नगर निगम का नया मेयर चुना गया है. इस बार के मेयर चुनाव में जिस तरह वोटिंग हुई वह बेहद ख़ास रहा. करीब तीन दशकों के बाद इस तरह की वोटिंग करने की तरीके का इस्तेमाल इस चुनाव में किया गया.
मेयर पद के लिए हुए इस त्रिकोणीय मुकाबले में सौरभ जोशी ने 18 वोट पाकर साफ बहुमत हासिल किया. वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) के उम्मीदवार योगेश ढींगरा को 11 और कांग्रेस के गुरप्रीत सिंह गाबी को 7 वोट मिले.
वोटिंग का तरीका
यह चुनाव गुप्त मतदान की जगह शो ऑफ हैंड्स यानी हाथ उठाकर वोटिंग के जरिए हुआ. पार्षदों ने अपने-अपने पक्ष में मतदान करते हुए पीठासीन अधिकारी के सामने मौखिक समर्थन भी दिया. चुनाव का संचालन पार्षद रमनीक सिंह बेदी ने किया.
डिप्टी मेयर चुनाव: गठबंधन नहीं बना
चंडीगढ़ नगर निगम की कुल 35 सदस्यीय सदन में बीजेपी के पास 18, आम आदमी पार्टी के पास 11 और कांग्रेस के पास 6 पार्षद हैं. इसके अलावा चंडीगढ़ से सांसद मनीष तिवारी भी एक्स ऑफिशियो (पदेन) सदस्य के रूप में वोट का अधिकार रखते हैं.
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सांसद तिवारी ने कांग्रेस के उम्मीदवार के पक्ष में अपना वोट दिया. इस बार बीजेपी की मजबूत स्थिति के कारण कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच कोई गठबंधन नहीं बन पाया.
मेयर के चुनाव के बाद उप मेयर पदों के लिए चुनाव भी हुए. सीनियर डिप्टी मेयर पद पर बीजेपी के जसमनप्रीत सिंह ने आप के मनुआर खान को 18-11 से हराया, जबकि डिप्टी मेयर पद पर बीजेपी की सुमन शर्मा ने आम आदमी पार्टी की जसविंदर कौर को मात दी.
इस दौरान कांग्रेस ने चुनाव में भागीदारी से दूरी बनाते हुए मतदान नहीं किया और छह पार्षदों समेत सांसद तिवारी सदन से बाहर चले गए. इस तरह बीजेपी ने न केवल मेयर बल्कि उप मेयर पदों पर भी जीत हासिल कर ली है.
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