ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान अहम दौरे पर आर्मेनिया पहुंचे हैं. जनरल चौहान चार दिन की आधिकारिक यात्रा पर येरेवन पहुंचे हैं, जहां वह एक उच्चस्तरीय रक्षा प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं.
भारत ने आर्मेनिया को दिए गाइडेड पिनाका रॉकेट्स
इस दौरे का मकसद भारत और आर्मेनिया के बीच लंबे समय की रणनीतिक और सुरक्षा साझेदारी को और मजबूत करना है. दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को नए स्तर पर ले जाने पर बातचीत होने की उम्मीद है.
कुछ ही हफ्ते पहले भारत ने आर्मेनिया को गाइडेड पिनाका रॉकेट्स की पहली खेप भेजी थी. इसके साथ ही आर्मेनिया डीआरडीओ की ओर से विकसित पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम का पहला निर्यात ग्राहक बन गया.
ईरान के साथ लगती है आर्मेनिया की सीमा
आर्मेनिया की भौगोलिक स्थिति भी इस दौरे को अहम बनाती है. देश की ईरान के साथ एक छोटी लेकिन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जमीनी सीमा है. ऑपरेशन सिंधु के तहत ईरान से भारतीयों की निकासी के दौरान इसी आर्मेनिया की भूमि सीमा के जरिए पहले चरण में 110 भारतीय नागरिक स्वदेश लौटे थे.
यही वजह है कि जनरल अनिल चौहान का आर्मेनिया दौरा न सिर्फ रक्षा सहयोग, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा संतुलन के लिहाज से भी बेहद अहम माना जा रहा है.
प्रणय उपाध्याय